रामगढ़: डीसी ऋतुराज ने सोमवार को चितरपुर प्रखंड कार्यालय का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान प्रशासनिक अव्यवस्था, अभिलेखों के खराब संधारण और कार्यालय परिसर में फैली गंदगी पर कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की.
उपायुक्त ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय तथा बाल विकास परियोजना कार्यालय के सभी अधिकारियों और कर्मियों का अगले आदेश तक वेतन बंद करने का निर्देश दिया. इस कार्रवाई से जिले के प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है.

औचक निरीक्षण में खुली कार्यालय व्यवस्था की पोल
रामगढ़ डीसी ऋतुराज ने सबसे पहले चितरपुर में आयोजित राजस्व शिविर का निरीक्षण किया. उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिविर में प्राप्त अधिकतम आवेदनों का निपटारा मौके पर ही किया जाए. साथ ही शेष मामलों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए. इस दौरान दाखिल-खारिज से संबंधित प्रमाण पत्र भी लाभुकों के बीच वितरित किए गए.
अभिलेख बेतरतीब, सफाई व्यवस्था बदहाल
राजस्व शिविर के बाद उपायुक्त ने प्रखंड सह अंचल कार्यालय और बाल विकास परियोजना कार्यालय का निरीक्षण किया. निरीक्षण में कई गंभीर कमियां सामने आईं. महत्वपूर्ण पंजियों और अभिलेखों का संधारण अत्यंत असंतोषजनक पाया गया. दस्तावेजों का रख-रखाव निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं था और कार्यालय परिसर में साफ-सफाई की स्थिति भी खराब मिली.

इन खामियों पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए उपायुक्त ने कहा कि कार्यालय व्यवस्था में सुधार को लेकर पूर्व में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे लेकिन उनका अनुपालन नहीं किया गया. इसे गंभीर प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए उन्होंने तत्काल प्रभाव से सभी अधिकारियों और कर्मियों का वेतन अगले आदेश तक रोकने का निर्देश जारी किया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि राजस्व सेवाओं और सरकारी योजनाओं का लाभ आम लोगों तक पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी ढंग से पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है.
एक सप्ताह की मोहलत, नहीं सुधरे तो विभागीय कार्रवाई
डीसी ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि एक सप्ताह के भीतर सभी कमियों को दूर कर कार्यालय व्यवस्था को मानकों के अनुरूप बनाया जाए. यदि निर्धारित समयावधि में सुधार नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी.

प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंप
उपायुक्त की इस सख्त कार्रवाई को प्रशासनिक जवाबदेही और कार्य संस्कृति में सुधार की दिशा में बड़ा संदेश माना जा रहा है. इससे स्पष्ट हो गया है कि सरकारी कार्यालयों में लापरवाही, अव्यवस्था और जनहित के कार्यों में शिथिलता अब किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
इस निरीक्षण के दौरान भूमि सुधार उप समाहर्ता दीप्ति प्रियंका कुजूर, प्रभारी पदाधिकारी गोपनीय शाखा रविंद्र कुमार गुप्ता तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.


