Tuesday, May 19, 2026

खूंटी से लगभग 50 महिलाओं का समूह अफीम की खेतों में फसल उगाने की तरकीब जानने के लिए हजारीबाग के किसानों के पास पहुंचा है.

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हजारीबाग: खूंटी एक ऐसा जिला जो एक समय घोर नक्सल प्रभावित क्षेत्र था. सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में अफीम की खेती होती थी. अब यहां के किसान मुख्य धारा में जुड़ रहे हैं. खूंटी के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्र से 50 महिलाओं का समूह जो मुख्य रूप से आदिवासी समुदाय से है, हजारीबाग के सुदूरवर्ती कटकमसांडी प्रखंड के गोसी गांव पहुंचा. वहां महिलाएं कैसे खेती कर रही हैं, इसकी जानकारी प्राप्त की.

गोसी गांव की महिलाएं सिर्फ खेती ही नहीं बल्कि बकरी पालन, मुर्गी पालन से लेकर के अन्य तरह के रोजगार कर रही हैं. जिससे उनका जीवन स्तर ऊंचा हो रहा है. वो आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं. खूंटी से आई महिलाओं ने कहा कि यह ट्रिप बेहद लाभदायक है. खेती करने के कई तरीकों की जानकारी प्राप्त की है. अब उन तरीकों की जानकारी अपने गांव घर में जाकर अन्य लोगों को देंगे और खेती करेंगे.

जिस गांव में महिलाएं पहुंची थी वहां के स्थानीय भी बताते हैं कि दूसरे जिले से जब किसान पहुंचते हैं, इसका दोहरा लाभ होता है. अपने सभ्यता संस्कृति के बारे में लोग एक दूसरे को जानकारी देते हैं. वहीं दूसरी ओर कैसे जीवन यापन कर रहे हैं, इसकी भी जानकारी मिलती है. यह एक बहुत ही अच्छा प्रयास है.

खूंटी से हजारीबाग पहुंची इन महिलाओं के समूह को एक लीड्स संस्था की ओर से मदद मिली है. संस्था के द्वारा महिलाओं को बताया जा रहा है कि वो आर्थिक रूप से कैसे संपन्न हो सकती हैं. यही वजह है कि महिलाओं का समूह हजारीबाग पहुंचकर खेती से कैसे जोड़ा जाए, इसके बारी में जानकारी ली. ताकि वे अपने इलाके में जाकर उस तरह की खेती कर जीवन यापन कर पाए.

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