पटना, 5 नवंबर 2026। मोकामा विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में सरेंडर करने के लिए अतिरिक्त समय मिलने की खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट की ओर से पहले तय की गई 1 दिसंबर की समयसीमा बढ़ाकर अब 4 दिसंबर किए जाने की चर्चा है। हालांकि, इस संबंध में अदालत के नए आदेश की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दी थी अनंत सिंह की जमानत
दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में 30 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। रिपोर्ट के अनुसार, शीर्ष अदालत ने पटना हाईकोर्ट के उस फैसले पर सवाल उठाए थे, जिसके तहत मार्च 2026 में अनंत सिंह को जमानत मिली थी।
सुप्रीम कोर्ट ने माना था कि जमानत देते समय अपराध की प्रकृति और अनंत सिंह के आपराधिक इतिहास पर पर्याप्त विचार नहीं किया गया। इसके बाद हाईकोर्ट के जमानत आदेश पर रोक लगाते हुए उनकी जमानत रद्द कर दी गई थी। साथ ही उन्हें 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का निर्देश दिया गया था।
जांच अधिकारी को चार महीने में चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने जांच अधिकारी को चार महीने के भीतर जांच पूरी कर पूरक आरोपपत्र दाखिल करने का निर्देश भी दिया था। इसके बाद मामले में आगे की सुनवाई होनी है।
अदालत के फैसले के बाद अनंत सिंह ने सरेंडर करने की बात कही थी। हालांकि, उन्होंने अपनी बेटी शिवांगी की शादी की तैयारियों का भी जिक्र किया था।
25 नवंबर को है बेटी शिवांगी की शादी
अनंत सिंह की बेटी शिवांगी की शादी 25 नवंबर को होनी है। मोकामा के नदवां गांव में शादी की तैयारियां चल रही हैं। यहां भव्य पंडाल बनाया जा रहा है। शादी के अवसर पर घुड़दौड़ प्रतियोगिता आयोजित किए जाने की भी चर्चा है।
समारोह में भोजपुरी गायक पवन सिंह, अक्षरा सिंह और अभिनेता सोनू सूद के पहुंचने की अटकलें भी लगाई जा रही हैं। हालांकि, इन मेहमानों के शामिल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
दुलारचंद यादव के पोते ने दी थी जमानत को चुनौती
दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार ने पटना हाईकोर्ट के जमानत आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। उन्होंने याचिका में अनंत सिंह की जमानत रद्द कर उन्हें दोबारा जेल भेजने की मांग की थी।
याचिकाकर्ता का आरोप था कि हाईकोर्ट ने जमानत देते समय अनंत सिंह के आपराधिक इतिहास को पर्याप्त महत्व नहीं दिया। वहीं, राज्य सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में उनके खिलाफ दर्ज मामलों का हवाला दिया था। इनमें हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, रंगदारी और आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं।
अब सरेंडर की समयसीमा 4 दिसंबर किए जाने की खबर के बीच सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक आदेश पर सबकी नजर है।
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