5 नवंबर 2026। दिवाली खुशियों, रोशनी और उत्साह का त्योहार है। इस दौरान घरों में तरह-तरह के पकवान और मिठाइयां बनती हैं, लोग परिवार और दोस्तों के साथ जश्न मनाते हैं। हालांकि, त्योहार की भागदौड़ और कुछ लापरवाहियां सेहत पर असर डाल सकती हैं।
दिवाली के दौरान पटाखों से निकलने वाला धुआं सांस संबंधी परेशानियां बढ़ा सकता है। वहीं, अधिक मिठाइयां खाने से डायबिटीज के मरीजों का ब्लड शुगर प्रभावित हो सकता है। देर रात तक जागना, भारी भोजन और खाने-पीने की चीजों को गलत तरीके से रखना भी स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। ऐसे में त्योहार का आनंद लेने के साथ सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है।
पटाखों का धुआं फेफड़ों के लिए हो सकता है नुकसानदायक
दिवाली के दौरान वायु प्रदूषण बढ़ने की एक प्रमुख वजह पटाखों से निकलने वाला धुआं है। इसमें मौजूद बारीक कण और हानिकारक गैसें सांस की नलियों और फेफड़ों में जलन पैदा कर सकती हैं।
इससे अस्थमा के मरीजों को परेशानी हो सकती है। ब्रोंकाइटिस और सीओपीडी जैसी पहले से मौजूद सांस संबंधी बीमारियां भी गंभीर हो सकती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और दिल या सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
बचाव के लिए क्या करें?
- पटाखों के धुएं वाले स्थानों से दूर रहें।
- प्रदूषण अधिक होने पर बाहर निकलने का समय कम रखें।
- जरूरत पड़ने पर अच्छी तरह फिट होने वाला N95 मास्क इस्तेमाल करें।
- सांस संबंधी बीमारी वाले लोग अपनी निर्धारित दवाएं और डॉक्टर की सलाह का पालन करें।
देर रात तक जागने से बढ़ सकता है ब्लड प्रेशर
दिवाली के दौरान देर रात तक जश्न मनाना और सोने के समय में बदलाव करना भी सेहत को प्रभावित कर सकता है। पर्याप्त नींद नहीं मिलने से तनाव बढ़ सकता है और ब्लड प्रेशर तथा ब्लड शुगर के स्तर में उतार-चढ़ाव हो सकता है।
हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और डायबिटीज से पीड़ित लोगों को त्योहार के दौरान अपनी दिनचर्या का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
इन बातों का रखें ध्यान:
- सोने और जागने का समय नियमित रखने की कोशिश करें।
- देर रात भारी भोजन करने से बचें।
- पर्याप्त नींद लें।
- डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं समय पर लेते रहें।
डायबिटीज के मरीज मिठाइयां खाते समय बरतें सावधानी
दिवाली पर मिठाइयों और मीठे पकवानों की भरमार रहती है। ऐसे में डायबिटीज के मरीजों के लिए खान-पान पर नियंत्रण रखना जरूरी है।
कई लोग सामान्य मिठाइयों के बजाय शुगर-फ्री मिठाइयां चुनते हैं, लेकिन इन्हें भी असीमित मात्रा में खाना सुरक्षित नहीं माना जा सकता। इनमें कार्बोहाइड्रेट, फैट और कैलोरी मौजूद हो सकती है, जो ब्लड शुगर को प्रभावित कर सकती हैं। कुछ चीनी के विकल्प अधिक मात्रा में लेने पर पेट संबंधी परेशानी भी हो सकती है।
डायबिटीज के मरीज इन बातों का ध्यान रखें:
- मिठाइयां सीमित मात्रा में खाएं।
- खाद्य पदार्थों के लेबल और पोर्शन साइज की जांच करें।
- ब्लड शुगर की नियमित निगरानी करें।
- त्योहार के दौरान खान-पान में बदलाव करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
मिठाइयों और खाने की चीजों को गलत तरीके से रखने से हो सकती है फूड पॉइजनिंग
दिवाली के दौरान घरों में बड़ी मात्रा में मिठाइयां और पकवान तैयार किए जाते हैं। दूध से बनी मिठाइयां, पका हुआ भोजन और अन्य खाद्य पदार्थ यदि लंबे समय तक खुले में रखे रहें, तो उनमें बैक्टीरिया पनपने का खतरा बढ़ सकता है।
खाने को सही तापमान पर स्टोर नहीं करना, बार-बार गर्म करना और लंबे समय तक कमरे के तापमान पर छोड़ देना फूड पॉइजनिंग, उल्टी और दस्त जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है।
खाने को सुरक्षित रखने के तरीके:
- पके हुए भोजन और दूध से बनी मिठाइयों को लंबे समय तक बाहर न रखें।
- जल्दी खराब होने वाली चीजों को समय पर फ्रिज में रखें।
- भोजन को साफ और ढके हुए कंटेनर में स्टोर करें।
- खाने से पहले भोजन को अच्छी तरह गर्म करें।
- खाद्य पदार्थों की ताजगी और गुणवत्ता पर ध्यान दें।
थोड़ी सावधानी से दिवाली को बना सकते हैं सुरक्षित
दिवाली का त्योहार परिवार के साथ खुशियां बांटने और उत्सव मनाने का अवसर है। ऐसे में कुछ जरूरी सावधानियां अपनाकर स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से बचने में मदद मिल सकती है।
पटाखों के धुएं से दूरी, पर्याप्त नींद, मिठाइयों का सीमित सेवन और भोजन का सही भंडारण आपकी सेहत की सुरक्षा में मददगार हो सकते हैं। खासकर पहले से किसी बीमारी से पीड़ित लोगों को अपनी नियमित दवाओं और डॉक्टर की सलाह का पालन करना चाहिए।
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