धनबाद, 15 अक्टूबर 2026: कार्यस्थल पर महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गुरुवार को धनबाद सिविल कोर्ट में एक दिवसीय जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में सहिया और आशा वर्करों को कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।
कार्यशाला का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा अध्यक्ष निकेश कुमार सिन्हा के निर्देश पर किया गया। इसकी जानकारी डालसा सचिव मयंक तुषार टोपनो ने दी।
महिलाओं को कानूनी अधिकारों की जानकारी
डालसा सचिव मयंक तुषार टोपनो ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम के लिए जरूरी जानकारी उपलब्ध कराना है।
इस दौरान प्रतिभागियों को कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के बारे में बताया गया। साथ ही कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने में कानून की भूमिका समझाई गई।
शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया समझाई
कार्यशाला में आंतरिक समिति और स्थानीय समिति की भूमिका, लैंगिक उत्पीड़न से संबंधित शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया तथा शिकायत के लिए निर्धारित समय-सीमा की जानकारी दी गई।
महिलाओं को बताया गया कि उत्पीड़न की स्थिति में वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और बिना भय के शिकायत दर्ज कराने के लिए आगे आएं। कानूनी संरक्षण से जुड़ी जानकारी साझा करते हुए शिकायत निवारण की व्यवस्था के बारे में भी समझाया गया।
दूसरी महिलाओं को भी जागरूक करने की अपील
डालसा की ओर से सहिया और आशा वर्करों को अपने कार्यक्षेत्र में अन्य महिलाओं को भी उनके अधिकारों तथा कानूनी संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य महिलाओं को कार्यस्थल पर सुरक्षा, सम्मान और न्याय के लिए उपलब्ध कानूनी उपायों की जानकारी देना तथा लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।
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