नई दिल्ली, 7 अक्टूबर 2026: वैश्विक बाजार में जारी अनिश्चितता के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) का भरोसा कायम है। RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 यानी FY27 के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान 7.1 प्रतिशत पर बरकरार रखा है। केंद्रीय बैंक के मुताबिक घरेलू मांग और आर्थिक गतिविधियों में मजबूती बनी हुई है।
RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को मौद्रिक नीति के फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि पहली तिमाही में देश की आर्थिक वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही है, जो अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाती है।
अगली तिमाहियों के लिए क्या है अनुमान?
RBI ने आने वाली तिमाहियों के लिए भी विकास दर को लेकर अपना अनुमान साझा किया है।
- Q2 FY27: 7.2 प्रतिशत
- Q3 FY27: 6.9 प्रतिशत
- Q4 FY27: 6.8 प्रतिशत
- Q1 FY28: 7.1 प्रतिशत
केंद्रीय बैंक के अनुसार मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में गतिविधियां जारी हैं। घरेलू बाजार की मांग भी आर्थिक वृद्धि को सहारा दे रही है।
महंगाई के मोर्चे पर RBI का रुख सख्त
एक तरफ RBI ने विकास दर को लेकर भरोसा जताया है, वहीं दूसरी ओर महंगाई को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है। खाने-पीने की वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए मौद्रिक नीति का रुख सख्त किया गया है।
RBI के मुताबिक खाद्य महंगाई अब कुछ चुनिंदा वस्तुओं तक सीमित नहीं रह गई है। प्याज और चीनी जैसी रोजमर्रा की चीजों की कीमतों में भी तेजी देखने को मिली है। अगस्त में कमजोर आधार प्रभाव के कारण खाद्य और ईंधन से जुड़ी महंगाई में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
RBI ने प्रमुख दरों में किया बदलाव
महंगाई पर नियंत्रण और वित्तीय परिस्थितियों को संतुलित रखने के लिए केंद्रीय बैंक ने प्रमुख दरों में बदलाव किया है।
- रेपो रेट: 5.50 प्रतिशत
- SDF रेट: 5.25 प्रतिशत
- MSF रेट: 5.75 प्रतिशत
- बैंक रेट: 5.75 प्रतिशत
इससे संकेत मिलता है कि RBI फिलहाल महंगाई के जोखिम को लेकर ज्यादा सतर्क रुख अपना रहा है।
घरेलू अर्थव्यवस्था पर भरोसा
वैश्विक स्तर पर आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद RBI का मानना है कि भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था में पर्याप्त मजबूती है। मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज गतिविधियों के साथ घरेलू मांग आर्थिक वृद्धि को समर्थन दे रही है।
गवर्नर ने कहा कि केंद्रीय बैंक महंगाई के आंकड़ों के साथ कंपनियों के व्यवहार और लोगों की महंगाई संबंधी उम्मीदों पर भी लगातार नजर रख रहा है।
आगे किन चीजों पर रहेगी नजर?
आने वाले समय में खाद्य वस्तुओं की कीमतें, वैश्विक बाजार की स्थिति, कच्चे माल की लागत और महंगाई के आंकड़े RBI के लिए अहम रहेंगे। फिलहाल केंद्रीय बैंक ने विकास दर को लेकर सकारात्मक अनुमान बनाए रखा है, लेकिन महंगाई को नियंत्रित करने के लिए नीतिगत सख्ती जारी रखने का संकेत भी दिया है।
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