रांची: झारखंड में JPSC और JSSC की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच कर रही CID की विशेष जांच टीम (SIT) ने कोचिंग संस्थानों की भूमिका पर भी फोकस बढ़ा दिया है। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर कई कोचिंग संचालकों पर सवाल उठे हैं। इनमें से कुछ को आरोपी बनाया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
दो कोचिंग संचालक गिरफ्तार, रिमांड की तैयारी
जांच के सिलसिले में रांची के दो कोचिंग संस्थानों से जुड़े संचालकों पर कार्रवाई हुई है। सर्कुलर रोड स्थित शिवांगन कोचिंग के संचालक संजीत कुमार को सोमवार को गिरफ्तार किया गया। वहीं, पतंजलि IAS एकेडमी के संचालक रवि कुमार ने पिछले सप्ताह अदालत में आत्मसमर्पण किया था।
CID अब दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के पीछे कोचिंग संस्थानों की क्या भूमिका रही और क्या इस मामले में राज्य के दूसरे जिलों से भी कोई कनेक्शन जुड़ा है।
अभ्यर्थियों से पैसे लेने और चयन कराने के आरोपों की जांच
जांच का एक अहम पहलू यह है कि क्या कुछ कोचिंग संचालक पढ़ाई कराने के अलावा अभ्यर्थियों को अनुचित तरीके से सरकारी नौकरी दिलाने के लिए बिचौलियों की भूमिका निभा रहे थे।
CID की पूछताछ में कथित तौर पर इन सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे:
- क्या कोचिंग संचालकों ने अभ्यर्थियों से नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लिए?
- कितने अभ्यर्थियों से रकम लेने का आरोप है?
- अभ्यर्थियों को सफल कराने के लिए किन लोगों से संपर्क किया जाता था?
- क्या इस नेटवर्क में दूसरे कोचिंग संस्थान या अन्य लोग भी शामिल थे?
जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
कई जिलों के कोचिंग संचालक जांच के दायरे में
बताया जा रहा है कि CID की जांच में राज्य के अलग-अलग जिलों में संचालित कोचिंग संस्थानों से जुड़े कई लोगों के नाम सामने आए हैं। कुछ के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है, जबकि अन्य की भूमिका की जांच की जा रही है।
जांच में जिन लोगों के नाम सामने आने की बात कही गई है, उनमें नामकुम के आदित्य पांडेय, बोकारो सेक्टर-3 के सानंद प्रकाश, टाटीसिलवे के पवन कुमार सिंह, हजारीबाग के लालू कुमार यादव, गिरिडीह के बेंगाबाद निवासी सौरभ कुमार पांडेय और पलामू के हमीदगंज निवासी संतोष कुमार सिंह शामिल हैं।
हालांकि, इन सभी लोगों की भूमिका और आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
पूछताछ से सामने आ सकता है भर्ती का नेटवर्क
CID की आगे की जांच में गिरफ्तार आरोपियों से विस्तृत पूछताछ महत्वपूर्ण मानी जा रही है। एजेंसी यह समझने का प्रयास करेगी कि कथित भर्ती नेटवर्क कैसे काम करता था और इसमें कौन-कौन लोग जुड़े थे।
फिलहाल, जांच जारी है और आने वाले दिनों में पूछताछ तथा अन्य कार्रवाई के आधार पर मामले में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
