ओरिएंटेशन कार्यक्रम में विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के साथ नैतिकता, अनुशासन और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता की सीख
रांची, 16 सितंबर। राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स), रांची में एमबीबीएस के नये बैच की पढ़ाई मंगलवार से शुरू हो गयी। इस बार पहली बार 250 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। इससे पहले संस्थान में एमबीबीएस की 180 सीटें थीं। नये छात्रों के लिए ‘आरोहण-फाउंडेशन कोर्स’ के तहत ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस बैच में राज्य कोटे के अलावा केंद्रीय कोटे से प्रवेश पाने वाले विद्यार्थी भी शामिल हैं। मेडिकल कॉलेज में प्रवेश को छात्रों और उनके अभिभावकों ने वर्षों की मेहनत और सपनों की अहम उपलब्धि बताया। कार्यक्रम के दौरान कई अभिभावकों ने बच्चों के डॉक्टर बनने की यात्रा से जुड़ी अपनी भावनाएं भी साझा कीं।
डॉक्टर बनने के लिए संवेदनशीलता भी जरूरी : निदेशक
रिम्स निदेशक प्रो. डॉ. डीके सिन्हा ने नये विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि चिकित्सा शिक्षा केवल किताबों और परीक्षाओं तक सीमित नहीं है। एक अच्छे चिकित्सक के लिए विषय का ज्ञान, अनुशासन, नैतिकता, संवेदनशीलता और मरीजों के प्रति सहानुभूति भी आवश्यक है।
उन्होंने छात्रों को मेडिकल शिक्षा के दौरान जिम्मेदारी और मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता देने की सलाह दी।
समय प्रबंधन और नियमित अध्ययन पर जोर
डीन प्रो. डॉ. राजीव मिश्रा ने विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई, समय प्रबंधन और शिक्षकों व सहपाठियों के साथ सकारात्मक संवाद का महत्व समझाया। चिकित्सा अधीक्षक प्रो. डॉ. हिरेंद्र बिरुआ ने अस्पताल की कार्यप्रणाली तथा मरीजों के प्रति डॉक्टरों की जिम्मेदारियों की जानकारी दी।
डीन, स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. राहुल प्रसाद ने छात्र कल्याण, सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों और संस्थान में उपलब्ध सहायता व्यवस्थाओं के बारे में बताया। वहीं, एमईयू कोऑर्डिनेटर डॉ. मृत्युंजय मुंडू ने फाउंडेशन कोर्स के उद्देश्य और आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा रखी।
3 अक्टूबर तक चलेगा ‘आरोहण’ कार्यक्रम
रिम्स का फाउंडेशन कोर्स ‘आरोहण’ 3 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान विद्यार्थियों को सॉफ्ट स्किल्स, नेटवर्किंग, टीमवर्क, नेतृत्व क्षमता और समय प्रबंधन जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जायेगा।
इसके अलावा छात्रों को चिकित्सा क्षेत्र में नैतिक मूल्यों, मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और टीम के साथ काम करने की आवश्यकताओं से भी परिचित कराया जायेगा।
