नई दिल्ली: 28 से 30 सितंबर 2026 तक प्रस्तावित देशव्यापी बैंक हड़ताल के चलते ज्वेलरी और रोड ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों को नकदी और भुगतान व्यवस्था को लेकर दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। महीने के अंत में होने वाली बैंकिंग गतिविधियों और हड़ताल से पहले चौथे शनिवार व रविवार के कारण लगातार पांच दिनों तक शाखाओं में फिजिकल बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहने की आशंका है।
यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) की ओर से सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर बुलाई गई है। UPI, नेट बैंकिंग और IMPS जैसी डिजिटल सेवाएं चालू रहने की संभावना है, लेकिन शाखाओं के बंद रहने से नकदी जमा करने और चेक क्लियरेंस जैसी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
ज्वेलर्स के सामने नकदी संभालने की चुनौती
घरेलू रत्न एवं आभूषण परिषद (GJC) के चेयरमैन राजेश रोकड़े के मुताबिक देश का घरेलू ज्वेलरी कारोबार करीब 10 लाख करोड़ रुपये का है। उनके अनुसार, डिजिटल भुगतान बढ़ने के बावजूद इस क्षेत्र में प्रतिदिन करीब 800 से 1,000 करोड़ रुपये का नकद लेनदेन होता है।
अगर लगातार पांच दिनों तक बैंक शाखाओं में नकद जमा करने की सुविधा प्रभावित रहती है, तो कारोबारियों के पास करीब 4,000 से 5,000 करोड़ रुपये तक की नकदी जमा होने का अनुमान है। इतनी बड़ी रकम को दुकानों या लॉकरों में सुरक्षित रखना कारोबारियों के लिए चुनौती बन सकता है।
रोकड़े के मुताबिक, बड़ी मात्रा में नकदी रखने से सुरक्षा संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं। साथ ही कारोबारियों की कार्यशील पूंजी भी अटक सकती है, जिससे नए ऑर्डर और सोने की डिलीवरी के भुगतान पर असर पड़ने की आशंका है।
ट्रांसपोर्ट कारोबार पर भी पड़ सकता है असर
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हरीश सभरवाल के अनुसार, बैंकिंग सेवाओं में व्यवधान का प्रभाव माल और यात्री परिवहन पर भी पड़ सकता है।
उनके मुताबिक देश के हाईवे पर नेशनल परमिट के तहत करीब 90 लाख कमर्शियल वाहन संचालित होते हैं। इनमें ट्रक, बस, मिनी बस और टैक्सी शामिल हैं। करीब 17 लाख वाहन बस और यात्री परिवहन से जुड़े हैं।
डॉ. सभरवाल के अनुसार, लंबी दूरी के वाहनों को टोल भुगतान के लिए भी बड़ी रकम की जरूरत पड़ती है। उन्होंने बताया कि एक लंबी दूरी के वाहन के लिए टोल खर्च करीब 50,000 से 70,000 रुपये तक हो सकता है। उदाहरण के तौर पर कोलकाता के एक राउंड ट्रिप का टोल खर्च करीब 35,000 रुपये बताया गया है।
अगर बैंकिंग नेटवर्क, FASTag रिचार्ज या संबंधित भुगतान व्यवस्था में परेशानी आती है, तो हाईवे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। इसका असर फल-सब्जियों, दवाओं और औद्योगिक कच्चे माल की आपूर्ति पर भी पड़ने की आशंका जताई गई है।
कारोबारियों को पहले से तैयारी की सलाह
संभावित व्यवधान को देखते हुए कारोबारियों को पहले से भुगतान और नकदी प्रबंधन की योजना बनाने की सलाह दी जा रही है।
- डिजिटल भुगतान बढ़ाएं: ज्वेलर्स ग्राहकों से UPI और कार्ड के माध्यम से भुगतान लेने पर जोर दे सकते हैं, ताकि दुकानों में ज्यादा नकदी जमा न हो।
- वैकल्पिक बैंकिंग व्यवस्था रखें: जरूरी लेनदेन के लिए निजी क्षेत्र के बैंकों में उपलब्ध सेवाओं का विकल्प इस्तेमाल किया जा सकता है।
- FASTag और ईंधन की तैयारी: ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर हड़ताल से पहले वाहनों के FASTag और फ्यूल कार्ड में पर्याप्त राशि सुनिश्चित कर सकते हैं।
- कैश सुरक्षा मजबूत करें: जिन कारोबारियों के पास अधिक नकदी जमा होने की आशंका है, वे सुरक्षा व्यवस्था, CCTV और अन्य इंतजामों पर विशेष ध्यान दे सकते हैं तथा जरूरत के मुताबिक स्थानीय पुलिस से संपर्क कर सकते हैं।
इस तरह बैंक शाखाओं के लगातार कई दिनों तक बंद रहने की स्थिति में नकदी प्रबंधन, भुगतान और परिवहन संचालन को लेकर पहले से तैयारी करना कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
