Saturday, October 31, 2026

25 नवंबर को अनंत सिंह की बेटी शिवांगी की शादी, इसके बाद करना होगा सरेंडर; जानिए पूरा मामला

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पटना | 30 अक्टूबर 2026

मोकामा के विधायक अनंत सिंह के परिवार में शादी की तैयारियां शुरू हो गई हैं। उनकी छोटी बेटी शिवांगी सिंह की शादी 25 नवंबर को पटना जिले के बिहटा इलाके में तय हुई है। दुलारचंद यादव हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट से राहत की अवधि मिलने के बाद अनंत सिंह को बेटी की शादी में शामिल होने का अवसर मिला है। रिपोर्ट के अनुसार, उन्हें शादी के बाद आत्मसमर्पण करना होगा और जेल लौटना पड़ेगा।

अनंत सिंह के पैतृक गांव लदमा में भी शादी को लेकर तैयारियां चल रही हैं। माना जा रहा है कि परिवार गांव से ही विवाह समारोह की व्यवस्था करेगा।

25 नवंबर को होगी शिवांगी सिंह की शादी

अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी के तीन बेटे और दो बेटियां हैं। उनकी बड़ी बेटी राजनंदिनी सिंह की शादी पहले ही लखीसराय जिले में हो चुकी है। अब परिवार की छोटी बेटी शिवांगी सिंह विवाह बंधन में बंधने जा रही हैं।

शिवांगी की शादी बिहटा इलाके में तय हुई है। हालांकि, होने वाले दूल्हे और विवाह समारोह से जुड़ी अन्य विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।

सुप्रीम कोर्ट ने सरेंडर के लिए दी एक महीने की मोहलत

दुलारचंद यादव हत्याकांड में पटना हाईकोर्ट से मिली जमानत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। सुनवाई के दौरान अनंत सिंह के वकील ने उनकी बेटी की 25 नवंबर को होने वाली शादी का उल्लेख किया।

इसके बाद अदालत ने उन्हें आत्मसमर्पण के लिए एक महीने की मोहलत दी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अनंत सिंह को 1 दिसंबर तक सरेंडर करना है। यानी शादी के बाद उन्हें अदालत के आदेश का पालन करते हुए आत्मसमर्पण करना होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार पुलिस को मामले की जांच चार महीने के भीतर पूरी करने का निर्देश भी दिया है। अगली सुनवाई चार महीने बाद निर्धारित की गई है।

जेल में रहते हुए भी जीता था मोकामा विधानसभा चुनाव

दुलारचंद यादव हत्याकांड में गिरफ्तारी के बाद अनंत सिंह जेल में रहते हुए मोकामा विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बने थे। उन्होंने चुनाव में राजद प्रत्याशी वीणा देवी को हराकर जीत दर्ज की थी। जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी तीसरे स्थान पर रहे थे।

दुलारचंद यादव की हत्या के दिन वह पीयूष प्रियदर्शी के साथ चुनाव प्रचार कर रहे थे। इस मामले में दुलारचंद के पोते नीरज कुमार की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी के बाद पुलिस ने अनंत सिंह को गिरफ्तार किया था। बाद में पटना हाईकोर्ट ने 19 मार्च को उन्हें जमानत दे दी थी।

67 आपराधिक मामलों का हवाला देकर जमानत को दी गई थी चुनौती

दुलारचंद यादव के पोते नीरज कुमार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर अनंत सिंह की जमानत को चुनौती दी थी। याचिका में दावा किया गया था कि उनके खिलाफ दर्ज 67 आपराधिक मामलों को जमानत देते समय पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया।

वहीं, हाईकोर्ट में अनंत सिंह की ओर से दलील दी गई थी कि उनके खिलाफ दर्ज मामलों को राजनीतिक बदले की भावना से जोड़ा जा रहा है। हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले को चुनौती दी गई।

अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अनंत सिंह को बेटी की शादी में शामिल होने के लिए सीमित समय मिला है। इसके बाद उन्हें निर्धारित समय सीमा के भीतर आत्मसमर्पण करना होगा।

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