Saturday, October 31, 2026

झारखंड में बेमौसम बारिश से धान और सब्जियों को नुकसान, फसलों में फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ा.

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रांची | 31 अक्टूबर 2026 | Bharat Superfast News

झारखंड में चक्रवात अर्नब के प्रभाव से हुई बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण खरीफ की प्रमुख फसल धान के साथ-साथ खेतों में लगी सब्जियों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। कई इलाकों में धान की फसल गिरने और बालियों में नमी बढ़ने से बीमारी फैलने का खतरा पैदा हो गया है। वहीं, रबी की खेती के लिए लगाए जा रहे आलू, मटर और दूसरी सब्जियों पर भी मौसम की मार पड़ी है।

कृषि विभाग ने फसलों को बचाने के लिए जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने की सलाह दी है। साथ ही, प्रभावित जिलों से फसल नुकसान की रिपोर्ट मांगी गई है।

धान की फसल पर बारिश और तेज हवा का असर

रांची में धान की खेती करने वाले किसान भौंरा नायक के मुताबिक, बेमौसम बारिश से धान की फसल प्रभावित हुई है। बालियों में लगातार नमी बने रहने के कारण बीमारी लगने की आशंका बढ़ गई है।

वहीं, कोल्हान और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवा के साथ हुई बारिश से धान के पौधे खेतों में गिर गए हैं। इससे फसल को अधिक नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।

आलू, मटर और सब्जियों की खेती भी प्रभावित

बारिश का असर केवल धान तक सीमित नहीं है। खेतों में रबी फसल के रूप में लगाए जा रहे आलू, मटर और अन्य सब्जियों को भी नुकसान पहुंचने की बात सामने आई है।

लगातार बारिश से गोभी, बंदगोभी, कद्दू, नेनुआ, फ्रेंचबीन और बैंगन जैसी सब्जियों की खेती प्रभावित हुई है। खेतों में अधिक नमी और पानी जमा होने से पौधों की बढ़वार पर असर पड़ सकता है।

फसलों में फंगल संक्रमण और कीटों का खतरा

झारखंड के उप कृषि निदेशक अमृतेश कुमार सिंह ने बताया कि बेमौसम बारिश के कारण फसलों में फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। अधिक नमी और खेतों में पानी जमा रहने से पौधों में बीमारी फैलने की आशंका रहती है। इसके अलावा कीटों का प्रकोप भी बढ़ सकता है।

उन्होंने किसानों को खेतों में पानी जमा नहीं होने देने और जलनिकासी यानी ड्रेनेज की उचित व्यवस्था बनाए रखने की सलाह दी है।

सभी जिलों से मांगी गई फसल नुकसान की रिपोर्ट

कृषि विभाग की ओर से सभी जिलों को एडवाइजरी जारी की गई है। जिन क्षेत्रों में बारिश के कारण फसलों को नुकसान पहुंचा है, वहां की स्थिति का आकलन कर रिपोर्ट जल्द मुख्यालय भेजने को कहा गया है।

जिला स्तर से रिपोर्ट मिलने के बाद नुकसान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इसके आधार पर विभाग आगे जरूरी कदम उठा सकता है।

नुकसान का आकलन रिपोर्ट आने के बाद होगा: कृषि मंत्री

राज्य में लगभग 28 लाख हेक्टेयर भूमि पर खरीफ और 10 से 11 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में रबी की खेती की जाती है। ऐसे में बेमौसम बारिश का असर बड़ी संख्या में किसानों की आजीविका और कृषि उत्पादन पर पड़ सकता है।

फसल नुकसान को लेकर कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि बारिश से सब्जियों को नुकसान पहुंचने की जानकारी मिली है। हालांकि, धान की फसल को कितना नुकसान हुआ है, इसका आकलन सभी जिलों से रिपोर्ट मिलने के बाद ही किया जा सकेगा।

किसानों के लिए जलनिकासी पर विशेष ध्यान देना जरूरी

बेमौसम बारिश के बाद फिलहाल किसानों के सामने खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने और फसलों को अधिक नमी से बचाने की चुनौती है। कृषि विभाग ने भी जलनिकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया है।

अब सभी जिलों से मिलने वाली रिपोर्ट के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि झारखंड में धान और सब्जियों की फसल को कुल कितना नुकसान हुआ है।

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