New Delhi News, 7 November 2026: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शनिवार को केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के आवास पर आयोजित संवाद कार्यक्रम में 1984 के सिख नरसंहार से प्रभावित परिवारों से मिलीं। इस दौरान केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने पीड़ितों और उनके परिजनों से बातचीत कर उनके संघर्ष, अनुभवों और लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा से जुड़ी बातें सुनीं।
कार्यक्रम में भाजपा विधायक तरविंदर सिंह मारवाह और भाजपा नेता एचएस फुल्का भी शामिल हुए। इस दौरान पीड़ित परिवारों के साथ विशेष संवाद किया गया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पीड़ित परिवारों के संघर्ष को किया याद
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि 1984 की घटनाओं से प्रभावित परिवारों ने पिछले चार दशकों में कठिन परिस्थितियों का सामना किया है। उन्होंने कहा कि अपनों को खोने का दर्द त्योहारों और जीवन के विशेष अवसरों पर फिर से उभर आता है।
मुख्यमंत्री ने 1984 की घटनाओं को एकतरफा नरसंहार बताते हुए कहा कि उस समय कई निर्दोष लोगों को निशाना बनाया गया था। उनके अनुसार, अनेक परिवारों को अपनी जान बचाने के लिए पहचान छिपानी पड़ी और घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा।
उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार लंबे समय तक न्याय और जीवनयापन के लिए संघर्ष करते रहे।
SIT जांच का भी किया जिक्र
रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल (SIT) के माध्यम से उन मामलों की दोबारा जांच का रास्ता खुला, जिनमें पहले कार्रवाई नहीं हो सकी थी।
मुख्यमंत्री के अनुसार, पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने और उन्हें सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में केंद्र तथा दिल्ली सरकार की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं।
हरदीप सिंह पुरी ने साझा किया परिवार का अनुभव
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 1947 के विभाजन के बाद दिल्ली पहुंचे शरणार्थी परिवारों के संघर्ष का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनका परिवार भी सब कुछ छोड़कर दिल्ली आया था और किंग्सवे कैंप सहित अन्य शरणार्थी शिविरों में रहा। बाद में परिवार के सदस्यों ने नौकरी और कारोबार के जरिए अपना जीवन फिर से स्थापित किया।
पुरी ने 1984 के सिख विरोधी दंगों को याद करते हुए कहा कि उस त्रासदी को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने जसबीर कौर के परिवार का उल्लेख करते हुए बताया कि 1 से 4 नवंबर के बीच गुरुद्वारों पर हुए हमलों में उनके परिवार के 11 सदस्यों की जान चली गई थी।
पीड़ितों को न्याय दिलाने की जरूरत पर जोर
हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि 1984 की घटनाओं के दर्दनाक इतिहास को याद रखना और प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाना जरूरी है। उन्होंने एचएस फुल्का का विशेष आभार जताया और कहा कि उन्होंने अपने पेशेवर जीवन में 1984 के दंगा पीड़ितों के कानूनी मामलों को मजबूती से उठाया तथा उन्हें न्याय दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए।
कार्यक्रम का उद्देश्य पीड़ित परिवारों के अनुभवों को सुनना, उनके संघर्ष को याद करना और न्याय से जुड़े मुद्दों पर संवाद करना रहा।
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