Bhagalpur News, 7 November 2026: बिहार में अजगैवीनाथ धाम-कटोरिया नई रेललाइन परियोजना को आगे बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित रेलखंड में बेलहर से सुइया के बीच बनने वाली सुरंग की व्यवहार्यता जांच पूरी कर ली गई है। वहीं, परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी जारी है।
करीब 1261 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह रेललाइन 74.8 किलोमीटर लंबी होगी। रेलवे की योजना नए साल से निर्माण कार्य शुरू करने की है। परियोजना पूरी होने में लगभग दो साल लगने का अनुमान है।
सुरंग की व्यवहार्यता जांच पूरी
परियोजना के तहत बेलहर से सुइया के बीच सुरंग बनाई जानी है। लागत से जुड़ी जटिलताओं को देखते हुए इस सुरंग की व्यवहार्यता की जांच कराई गई है। परियोजना के लिए करीब 550 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। रेलवे के अनुसार, भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई चल रही है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद रेललाइन बिछाने का काम शुरू किया जाएगा।
पांच नए स्टेशन और कटोरिया बनेगा जंक्शन
प्रस्तावित रेललाइन असरगंज, तारापुर और बेलहर होकर गुजरेगी। इस रेलखंड पर असरगंज, तारापुर, बेलहर, श्रीनगर और सूयाबथान में स्टेशन बनाए जाने का प्रस्ताव है। वहीं, कटोरिया को जंक्शन स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा।
फिलहाल कटोरिया स्टेशन बांका-देवघर रेललाइन पर स्थित है। नई रेललाइन बनने के बाद अजगैवीनाथ धाम का संपर्क कटोरिया, बांका और देवघर से बेहतर हो सकेगा।
अजगैवीनाथ धाम से देवघर की दूरी होगी कम
वर्तमान में अजगैवीनाथ धाम से देवघर की रेल दूरी भागलपुर, बांका और कटोरिया होकर करीब 131 किलोमीटर है। नई रेललाइन बनने के बाद यह दूरी घटकर लगभग 101 किलोमीटर रह जाने का अनुमान है। इससे दोनों धार्मिक स्थलों के बीच रेल संपर्क आसान होगा।
परियोजना से सुल्तानगंज स्थित अजगैवीनाथ धाम से जल लेकर देवघर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
कई रेलखंडों से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
नई रेललाइन के बनने से क्षेत्र को रेल यात्रा के लिए वैकल्पिक मार्ग मिलेंगे। अजगैवीनाथ धाम-कटोरिया रेलखंड जमालपुर-भागलपुर-साहिबगंज और अजगैवीनाथ धाम-भागलपुर-दुमका रेलखंड से जुड़ सकेगा।
इसके अलावा, गोड्डा-पीरपैंती रेललाइन का काम पूरा होने के बाद इस क्षेत्र की कनेक्टिविटी और बढ़ने की संभावना है। भागलपुर-मंदारहिल रेलखंड के माध्यम से बांका से संपर्क भी बेहतर होगा।
व्यापार और रोजगार को मिल सकता है बढ़ावा
रेलवे के अनुसार, नई रेललाइन बनने से देवघर जाने के लिए यात्रियों को अतिरिक्त रेल मार्ग उपलब्ध होगा। इससे क्षेत्र में यातायात, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
मालदा मंडल के पीआरए ने बताया कि परियोजना पर काम प्रगति पर है और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई पूरी होने के बाद रेललाइन निर्माण का काम शुरू किया जाएगा।
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