Patna News, 7 November 2026: बिहार में निजी पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक लैब की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जांच अभियान की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत राज्य के सभी जिलों में संचालित निजी लैब की संख्या, उपलब्ध संसाधनों और निर्धारित मानकों के पालन की स्थिति का आकलन किया जाएगा। इसका उद्देश्य मरीजों को विश्वसनीय जांच सुविधा उपलब्ध कराना और नियमों का उल्लंघन करने वाली लैब के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करना है।
स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में सभी जिलों को दिशा-निर्देश भेजे हैं। जिला स्तर पर टीमें गठित कर निजी लैब की नियमित जांच कराने की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही, पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक सेवाओं की गुणवत्ता से जुड़ी शिकायतों के लिए भी व्यवस्था विकसित करने की तैयारी है।
जिलों से मांगी गई निजी लैब की विस्तृत रिपोर्ट
विभाग ने जिलों से वहां संचालित निजी पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक लैब की विस्तृत जानकारी मांगी है। इसमें खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही लैब को भी शामिल किया जाएगा।
जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि लैब में आवश्यक संसाधन उपलब्ध हैं या नहीं और वे निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप सेवाएं दे रही हैं या नहीं। इस प्रक्रिया से राज्य में निजी जांच केंद्रों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सकेगा।
मानकों का पालन नहीं करने वाली लैब पर होगी कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य जांच सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना है। इसके लिए निर्धारित मानकों का पालन नहीं करने वाली लैब की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
विभागीय समीक्षा के बाद यह भी तय किया जाएगा कि किन क्षेत्रों में जांच सुविधाओं की कमी है और वहां मरीजों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं।
जरूरत के अनुसार PPP मोड में खुलेंगी नई लैब
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, जांच के दौरान जिन क्षेत्रों में पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक सुविधाओं की कमी सामने आएगी, वहां नई लैब स्थापित करने पर विचार किया जाएगा। जरूरत के अनुसार सरकार सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर भी जांच केंद्र स्थापित करा सकती है।
इससे उन इलाकों में जांच सुविधाओं का विस्तार करने में मदद मिलने की उम्मीद है, जहां फिलहाल पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध नहीं है।
बढ़ रही है पैथोलॉजी जांच की मांग
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बिहार में पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक जांच की मांग लगातार बढ़ रही है। इसी के साथ निजी लैब की संख्या में भी विस्तार हुआ है। हालांकि, सभी जांच केंद्र निर्धारित गुणवत्ता मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं, इसकी पूरी जानकारी विभाग के पास उपलब्ध नहीं है।
इसी कमी को दूर करने के लिए जिलों से रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तथा नई सुविधाओं की स्थापना से संबंधित निर्णय लिए जाएंगे।
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