Friday, October 30, 2026

सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, सोना 1,093 रुपये और चांदी 3,660 रुपये हुई सस्ती.

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सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, सोना 1,093 रुपये और चांदी 3,660 रुपये हुई सस्ती

नई दिल्ली, 14 अक्टूबर 2026: धनतेरस और दिवाली से पहले सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए कीमतों में गिरावट की खबर सामने आई है। बुधवार को घरेलू बाजार में दोनों कीमती धातुओं के भाव में कमजोरी दर्ज की गई। उपलब्ध बाजार आंकड़ों के मुताबिक, सोना 1,093 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 3,660 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हुई।

बाजार में इस गिरावट के पीछे अमेरिकी डॉलर की मजबूती और अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर बनी परिस्थितियों को प्रमुख कारण बताया जा रहा है। हालांकि, सोने-चांदी के खुदरा भाव शहर, शुद्धता और स्थानीय बाजार के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।

सोने की कीमत 1,093 रुपये गिरी

बाजार के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, सोने की कीमत में करीब 0.73 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद भाव घटकर 1,48,450 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती से सोने की कीमतों पर दबाव पड़ने की बात कही जा रही है। अमेरिका में महंगाई से जुड़े आंकड़ों और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति को लेकर निवेशकों की गतिविधियां भी कीमती धातुओं के बाजार को प्रभावित कर सकती हैं।

चांदी 3,660 रुपये हुई सस्ती

बुधवार को चांदी की कीमत में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, चांदी करीब 1.64 प्रतिशत टूटकर 2,19,217 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। एक दिन में इसकी कीमत 3,660 रुपये कम हुई।

बाजार में बिकवाली और मुनाफावसूली के कारण चांदी की कीमतों में दबाव देखा गया। हालांकि, आगे की कीमतें वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, डॉलर की चाल और औद्योगिक मांग समेत कई कारकों पर निर्भर करेंगी।

सोना-चांदी खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

त्योहारी सीजन में खरीदारी करने से पहले ग्राहकों को अपने शहर के ताजा भाव की जानकारी लेनी चाहिए। बाजार में घोषित कीमत और ज्वेलरी की दुकान पर मिलने वाली अंतिम कीमत में अंतर हो सकता है।

खरीदारी के दौरान इन बातों पर ध्यान दें:

  • शुद्धता: सोने की कैरेट शुद्धता और हॉलमार्क की जांच करें।
  • मेकिंग चार्ज: आभूषण बनाने का शुल्क पहले ही स्पष्ट कर लें।
  • GST: बिल में लागू कर की जानकारी देखें।
  • अंतिम कीमत: भुगतान से पहले पूरा बिल और वजन जांच लें।

ध्यान रहे कि बाजार के थोक या बेंचमार्क भाव में GST और आभूषण बनाने का शुल्क शामिल होना जरूरी नहीं है।

आगे क्या रहेगा सोने-चांदी का रुख?

निकट अवधि में सोने और चांदी की कीमतों पर डॉलर की मजबूती, अमेरिकी ब्याज दरों से जुड़े संकेत और निवेशकों की खरीद-बिक्री का असर रह सकता है। वहीं, भारत में त्योहारों के दौरान आभूषणों की मांग भी बाजार को प्रभावित कर सकती है।

कुछ वित्तीय संस्थानों और बाजार विशेषज्ञों के दीर्घकालिक अनुमान कीमतों में तेजी की संभावना जताते हैं, लेकिन ये अनुमान निश्चित भविष्यवाणी नहीं हैं। कीमतें बाजार की परिस्थितियों के अनुसार ऊपर या नीचे जा सकती हैं।

इसलिए केवल एक दिन की गिरावट देखकर खरीदारी या निवेश का फैसला करने के बजाय अपनी जरूरत, बजट और बाजार की स्थिति को ध्यान में रखना बेहतर होगा।

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