रांची | 30 अक्टूबर 2026 | BHARATSUPERFASTNEWS
झारखंड में डिप्लोमा इन फार्मेसी (डी-फार्मा) की परीक्षाओं और फार्मासिस्टों के पंजीकरण की प्रक्रिया पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल और डी-फार्मा परीक्षा समिति को फिलहाल कोई नई कार्रवाई नहीं करने को कहा है।
इस फैसले का असर डी-फार्मा की परीक्षा की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों और फार्मासिस्ट के रूप में पंजीकरण का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों पर पड़ सकता है। अब इस प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने के लिए सरकार या झारखंड हाईकोर्ट के अगले निर्देश का इंतजार करना होगा।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी किया आदेश
स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव अनुज कुमार प्रसाद की ओर से जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि राज्य सरकार या झारखंड हाईकोर्ट से स्थिति स्पष्ट होने तक परीक्षा और पंजीकरण से संबंधित नई कार्रवाई नहीं की जाए।
निर्देश के मुताबिक, विभाग की अनुमति के बिना डी-फार्मा परीक्षा आयोजित नहीं की जा सकेगी। फार्मासिस्टों के नए पंजीकरण से जुड़ी प्रक्रिया भी फिलहाल रोक दी गई है।
इस आदेश के बाद संबंधित संस्थाओं को आगे की कार्रवाई के लिए विभागीय निर्देशों का पालन करना होगा।
क्या है रोक लगाने की वजह?
इस मामले के पीछे प्रशासनिक विवाद और कानूनी प्रक्रिया प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, झारखंड स्टेट फार्मेसी काउंसिल के तत्कालीन रजिस्ट्रार-सह-सचिव प्रशांत कुमार पांडेय के खिलाफ मिली शिकायतों की उच्चस्तरीय समीक्षा की गई थी।
इसके बाद राज्य सरकार ने 17 अगस्त 2026 को उन्हें पद से मुक्त करने का निर्णय लिया था। इस फैसले के खिलाफ तत्कालीन रजिस्ट्रार ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
मामला अदालत में लंबित होने के कारण विभाग ने एहतियाती कदम उठाते हुए डी-फार्मा परीक्षा और फार्मासिस्ट पंजीकरण से जुड़ी प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
फिलहाल परीक्षा और पंजीकरण दोबारा शुरू करने को लेकर कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है। विभाग के निर्देश के अनुसार, आगे की कार्रवाई सरकार या हाईकोर्ट से स्पष्ट आदेश मिलने के बाद ही की जा सकेगी।
ऐसे में डी-फार्मा के विद्यार्थियों और फार्मासिस्ट पंजीकरण का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों को आधिकारिक सूचना पर नजर रखनी चाहिए। परीक्षा की नई तारीख या रजिस्ट्रेशन शुरू होने की जानकारी संबंधित विभाग की ओर से जारी निर्देशों के बाद ही स्पष्ट होगी।
विद्यार्थियों और अभ्यर्थियों को क्या करना चाहिए?
इस रोक के बीच अभ्यर्थियों को किसी भी अपुष्ट सूचना के आधार पर निर्णय लेने से बचना चाहिए। परीक्षा कार्यक्रम, पंजीकरण और आगे की प्रक्रिया के संबंध में स्वास्थ्य विभाग तथा संबंधित फार्मेसी काउंसिल की आधिकारिक सूचनाओं को ही आधार बनाना उचित होगा।
फिलहाल डी-फार्मा परीक्षा और नए फार्मासिस्टों के पंजीकरण पर रोक जारी है। अगला कदम सरकार के निर्देश या अदालत की कार्यवाही के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
BHARATSUPERFASTNEWS
