Thursday, September 17, 2026

सेमीकॉन इंडिया 2026 में IIT-ISM धनबाद की चिप को मिली पहचान, पीएम मोदी ने किया हैंडओवर.

Share

धनबाद: स्वदेशी सेमीकंडक्टर तकनीक के क्षेत्र में आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के शोधकर्ताओं को बड़ी उपलब्धि मिली है। नई दिल्ली में आयोजित सेमीकॉन इंडिया 2026 के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान संस्थान की रिसर्च टीम द्वारा तैयार की गई चिप को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। चिप हैंडओवर समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे टीम के प्रतिनिधि को सौंपा।

संस्थान की ओर से रिसर्च स्कॉलर राहुल रंजन ने चिप और स्मृति चिह्न प्राप्त किया। यह चिप इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर प्रो. राजीव कुमार रंजन के मार्गदर्शन में विकसित की गई है। समारोह में देश के 20 संस्थानों के छात्रों द्वारा तैयार चिप्स को भी प्रदर्शित और सम्मानित किया गया।

कम बिजली खपत वाली इमेज प्रोसेसिंग पर आधारित चिप

आईआईटी (आईएसएम) की चिप को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की वित्तीय सहायता से चल रहे ‘Ultra-Low Power Assistive Smart Glass’ प्रोजेक्ट के तहत विकसित किया गया है। इसका निर्माण Semiconductor Laboratory (SCL), मोहाली में किया गया।

यह एक डिजिटल Application-Specific Integrated Circuit (ASIC) चिप है, जिसे OV7670 कैमरे के माध्यम से रियल टाइम इमेज प्रोसेसिंग के लिए तैयार किया गया है। परियोजना का उद्देश्य ऐसे स्मार्ट ग्लास के विकास में मदद करना है, जो छोटे आकार के साथ कम ऊर्जा में काम कर सकें।

स्मार्ट ग्लास के अलावा इन क्षेत्रों में भी उपयोग की संभावना

शोध के अनुसार, चिप की आर्किटेक्चर को सिर्फ स्मार्ट ग्लास तक सीमित नहीं रखा गया है। इसकी प्रोसेसिंग तकनीक का इस्तेमाल भविष्य में बायोमेडिकल इमेजिंग, असिस्टिव हेल्थकेयर डिवाइस, वियरेबल सेंसर और एज एआई सिस्टम जैसे क्षेत्रों में भी किया जा सकता है।

कम ऊर्जा में इमेज प्रोसेसिंग की क्षमता इसे ऐसे उपकरणों के लिए उपयोगी बना सकती है, जहां आकार और पावर खपत दोनों महत्वपूर्ण होते हैं।

प्रो. राजीव रंजन ने इसे बताया महत्वपूर्ण उपलब्धि

चिप को मिले राष्ट्रीय स्तर के सम्मान पर प्रो. राजीव कुमार रंजन ने इसे विभाग और शोध टीम के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि सेमीकॉन इंडिया जैसे मंच पर युवा शोधकर्ताओं के काम को पहचान मिलने से सेमीकंडक्टर डिजाइन के क्षेत्र में नए अनुसंधान को प्रोत्साहन मिलेगा।

उन्होंने स्वदेशी चिप डिजाइन और निर्माण की दिशा में देश की तकनीकी क्षमता को मजबूत करने में इस तरह की शोध परियोजनाओं की भूमिका पर भी जोर दिया।

IIT-ISM में छात्रों और फैकल्टी ने देखा लाइव प्रसारण

नई दिल्ली में हुए सेमीकॉन इंडिया 2026 के उद्घाटन समारोह और चिप हैंडओवर कार्यक्रम का सीधा प्रसारण पेनमैन ऑडिटोरियम, IIT-ISM धनबाद में किया गया। संस्थान के छात्रों और फैकल्टी सदस्यों ने कार्यक्रम को लाइव देखा।

इस दौरान संस्थान के निदेशक प्रो. सुकुमार मिश्रा, रजिस्ट्रार प्रबोध पांडेय, डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. संजय मंडल, एसोसिएट डीन (स्टूडेंट्स वेल बीइंग) प्रो. संजीव आनंद साहू, प्रो. राजीव कुमार रंजन समेत अन्य शिक्षक और संस्थान के सदस्य मौजूद रहे।

IIT-ISM धनबाद की इस चिप को मिली पहचान से संस्थान में स्वदेशी सेमीकंडक्टर डिजाइन, लो-पावर चिप और एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़े शोध कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिली है।

Read more

Local News