Friday, September 18, 2026

NEET-SS उम्मीदवारों के लिए बड़ी राहत, क्वालीफाइंग पर्सेंटाइल 50 से घटकर 30 हुआ.

Share

नई दिल्ली: सुपर स्पेशलिटी मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिले की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए केंद्र सरकार ने अहम फैसला लिया है। केंद्र ने NEET-SS की क्वालीफाइंग पर्सेंटाइल 50 से घटाकर 30 करने की जानकारी सुप्रीम कोर्ट को दी है। इस बदलाव के बाद 30 पर्सेंटाइल या उससे अधिक अंक हासिल करने वाले अभ्यर्थी प्रस्तावित स्पेशल स्ट्रे वैकेंसी राउंड में शामिल हो सकेंगे।

सरकार का अनुमान है कि पर्सेंटाइल में इस बदलाव से करीब 6,000 अतिरिक्त उम्मीदवार काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेने के योग्य हो जाएंगे। यह कदम सुपर स्पेशलिटी की खाली सीटों को भरने और उपलब्ध प्रशिक्षण क्षमता का इस्तेमाल करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

1,857 सुपर स्पेशलिटी सीटें अभी खाली

केंद्र की ओर से अदालत में दी गई जानकारी के मुताबिक, NEET-SS काउंसलिंग के दूसरे चरण के बाद देशभर में 1,857 सुपर स्पेशलिटी सीटें रिक्त हैं। इनमें 1,094 DM/M.Ch. और 763 DNB-SS सीटें शामिल हैं।

सरकार के मुताबिक, इन रिक्तियों में कई सीटें बेहद विशिष्ट मेडिकल और सर्जिकल स्पेशलिटी से जुड़ी हैं। उपलब्ध सीटों की तुलना में बड़ी संख्या में योग्य उम्मीदवार उपलब्ध कराने के लिए पात्रता सीमा में बदलाव किया गया है।

करीब 6 हजार उम्मीदवारों को मिल सकता है मौका

केंद्र के अनुसार, 30 पर्सेंटाइल की नई सीमा लागू होने पर लगभग 6,000 अभ्यर्थी विशेष स्ट्रे वैकेंसी राउंड के लिए पात्र हो सकते हैं। इससे 1,857 खाली सीटों के मुकाबले उम्मीदवारों का एक बड़ा पूल उपलब्ध होगा।

सरकार ने यह फैसला संबंधित हितधारकों से विचार-विमर्श के बाद लिया है। खाली सीटों की संख्या को देखते हुए केंद्र ने राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग और मेडिकल काउंसलिंग कमेटी/स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय से भी चर्चा की थी।

पहले से सीट ले चुके उम्मीदवारों को अपग्रेडेशन नहीं

प्रस्तावित स्पेशल स्ट्रे वैकेंसी राउंड में मौजूदा स्ट्रे वैकेंसी प्रक्रिया के नियम लागू होंगे। इसमें पहले से किसी सीट पर दाखिला ले चुके उम्मीदवारों को अपग्रेडेशन का विकल्प नहीं दिया जाएगा।

यानी जिन अभ्यर्थियों ने पिछली NEET-SS काउंसलिंग में किसी सीट पर दाखिला नहीं लिया है और नई पर्सेंटाइल सीमा के कारण अब पात्र हुए हैं, उन्हें खाली सीटों के लिए मौका दिया जाएगा।

केंद्र ने इसके पीछे शैक्षणिक सत्र शुरू होने के बाद सीट बदलने से उत्पन्न होने वाली स्थिति का हवाला दिया है। सरकार का कहना है कि देर से अपग्रेडेशन होने पर दोबारा सीटें खाली होने की स्थिति बन सकती है।

तमिलनाडु की 40 इन-सर्विस सीटें राज्य को लौटेंगी

केंद्र ने तमिलनाडु से संबंधित 40 खाली इन-सर्विस सुपर स्पेशलिटी सीटों को राज्य सरकार को वापस करने पर भी सहमति जताई है। राज्य को इन सीटों के लिए एक सप्ताह के भीतर अपना स्ट्रे वैकेंसी राउंड पूरा करने का प्रस्ताव है।

अगर इस प्रक्रिया के बाद भी कोई सीट खाली रह जाती है, तो उसे मेडिकल काउंसलिंग कमेटी के पास उपलब्ध सीटों के पूल में शामिल किया जाएगा। इसके बाद इन सीटों को देश की अन्य रिक्त सुपर स्पेशलिटी सीटों के साथ विशेष स्ट्रे वैकेंसी राउंड में शामिल किया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद बदली व्यवस्था

10 सितंबर को मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी संख्या में सीटें खाली रहने के मद्देनजर क्वालीफाइंग पर्सेंटाइल कम करने के फैसले पर पुनर्विचार की जरूरत बताई थी। इसके बाद केंद्र ने अदालत को अपने नए निर्णय की जानकारी दी।

मामले में तमिलनाडु मेडिकल ऑफिसर्स एसोसिएशन की ओर से याचिका दायर की गई थी। याचिका में तमिलनाडु के सरकारी सेवा में कार्यरत डॉक्टरों के लिए आरक्षित 152 खाली सुपर स्पेशलिटी सीटों को समय से पहले ऑल इंडिया कोटा में स्थानांतरित किए जाने को चुनौती दी गई थी।

तमिलनाडु की ओर से काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई करीब तीन सप्ताह बाद निर्धारित की है।

Read more

Local News