मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को कारोबार के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। प्रमुख सूचकांक सीमित दायरे में कारोबार करते रहे। दिन के अंत में सेंसेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी बढ़त दर्ज करने में सफल रहा। व्यापक बाजार में खरीदारी का असर भी दिखाई दिया।
कारोबार समाप्त होने पर बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 19.63 अंक यानी 0.03 प्रतिशत फिसलकर 74,294.96 पर बंद हुआ। दूसरी ओर, एनएसई का निफ्टी 75.80 अंक यानी 0.33 प्रतिशत चढ़कर 23,346.40 के स्तर पर पहुंच गया।
निफ्टी 23,300 के ऊपर बंद
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा रिकवरी के दौरान निफ्टी पहली बार 23,300 के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बंद हुआ है। तकनीकी विश्लेषकों का कहना है कि यदि आने वाले कारोबारी सत्रों में यह स्तर कायम रहता है, तो इंडेक्स 23,500 से 23,600 के दायरे की ओर बढ़ सकता है।
वहीं, निफ्टी के लिए 23,200 और 23,000 के स्तर को महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन माना जा रहा है।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में जोरदार खरीदारी
शुक्रवार के कारोबार में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने प्रमुख सूचकांकों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.24 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.74 प्रतिशत की तेजी रही।
छोटे और मझोले शेयरों में खरीदारी से बाजार की धारणा को मजबूती मिली और व्यापक बाजार बढ़त के साथ बंद हुआ।
अडानी समूह और भारती एयरटेल में तेजी
निफ्टी पर अडानी पोर्ट्स, अडानी एंटरप्राइजेज और भारती एयरटेल बढ़त दर्ज करने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे। दिग्गज शेयरों में खरीदारी के बावजूद आईटी क्षेत्र में कमजोरी ने बाजार पर दबाव बनाए रखा।
मेटल, रियलिटी और ऑयल-गैस सेक्टर चमके
क्षेत्रवार कारोबार में मेटल, रियलिटी, ऑयल एंड गैस, सीमेंट और केमिकल सेक्टर में मजबूती देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में गिरावट से इन क्षेत्रों को समर्थन मिला।
इसके विपरीत, आईटी सेक्टर में सबसे अधिक कमजोरी रही। वैश्विक केंद्रीय बैंकों के फैसलों और अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले कुछ सकारात्मक संकेतों ने घरेलू बाजार की रिकवरी को सहारा दिया।
रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर
विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 2 पैसे कमजोर होकर 95.91 के स्तर पर बंद हुआ।
