Friday, September 18, 2026

झारखंड में धान खरीद की तैयारी तेज, इस बार 50 लाख क्विंटल का लक्ष्य.

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रांची: झारखंड में आगामी धान अधिप्राप्ति को लेकर सरकार ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने इस वर्ष किसानों से 50 लाख क्विंटल धान खरीदने का लक्ष्य तय किया है। पिछले साल यह लक्ष्य 60 लाख क्विंटल था।

शुक्रवार को विभागीय मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने धान खरीद की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक की। बैठक में विभाग के सचिव राजेश कुमार शर्मा समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान राज्य में संभावित अच्छी धान की फसल को देखते हुए खरीद से लेकर भंडारण और मिलिंग तक की व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई।

मंत्री ने कहा कि धान की खेती और कटाई का समय अभी आने वाला है, लेकिन सरकार ने खरीद प्रक्रिया की तैयारी पहले से शुरू कर दी है। उन्होंने अधिकारियों को पूरी व्यवस्था पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया।

15 नए गोदाम बनाने की तैयारी

धान खरीद के साथ उसके सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था मजबूत करने पर भी बैठक में जोर दिया गया। चालू वित्तीय वर्ष में राज्य में 1,000 मीट्रिक टन क्षमता वाले 15 नए गोदाम बनाए जाने का निर्णय लिया गया है।

सरकार के अनुसार, नए गोदामों के निर्माण से राज्य की भंडारण क्षमता बढ़ेगी और किसानों से खरीदे गए धान के रखरखाव में सुविधा होगी।

जमीन के सत्यापन के बाद होगी खरीद

इस बार धान अधिप्राप्ति व्यवस्था में किसानों की जमीन के सत्यापन को भी महत्वपूर्ण प्रक्रिया बनाया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि भूमि का सत्यापन करने के बाद संबंधित जमीन के अनुरूप ही किसान से धान की खरीद की जाए।

धान के परिवहन में लगे वाहनों को ट्रैकिंग सिस्टम से जोड़ने की भी तैयारी है। इससे धान की आवाजाही पर निगरानी रखी जा सकेगी।

बैठक में चालू वित्तीय वर्ष के दौरान 19 लाख क्विंटल चावल तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किए जाने की जानकारी दी गई। मंत्री ने खरीद, मिलिंग, परिवहन, भंडारण और चावल की उपलब्धता से जुड़ी पूरी प्रक्रिया की नियमित निगरानी के निर्देश दिए, ताकि किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो।

पीडीएस डीलरों के बकाया कमीशन का होगा भुगतान

बैठक में जन वितरण प्रणाली के डीलरों के बकाया कमीशन का मुद्दा भी सामने आया। मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य के 25 हजार से अधिक पीडीएस डीलर खाद्यान्न वितरण व्यवस्था की अहम कड़ी हैं।

बैठक में बताया गया कि केंद्र सरकार से डीलर कमीशन के रूप में एक वर्ष की राशि राज्य को प्राप्त हो चुकी है। अब बकाया कमीशन के भुगतान की प्रक्रिया जल्द पूरी करने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने अधिकारियों को भुगतान में अनावश्यक विलंब नहीं करने का निर्देश दिया।

वेट मशीन के नवीनीकरण शुल्क पर भी प्रस्ताव

पीडीएस डीलरों की समस्याओं पर चर्चा के दौरान भार मापक यंत्र यानी वेट मशीन के वार्षिक नवीनीकरण शुल्क का मुद्दा भी उठा। डीलरों पर पड़ने वाले इस आर्थिक बोझ को कम करने के लिए नवीनीकरण शुल्क माफ करने संबंधी प्रस्ताव तैयार कर मंत्रिमंडल को भेजा गया है।

मंत्री के अनुसार, प्रस्ताव पर नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा। सरकार की ओर से डीलरों की व्यावहारिक समस्याओं के समाधान और पीडीएस व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने पर जोर दिया गया है।

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