रांची: झारखंड में सहायक आचार्य नियुक्ति से संबंधित विवाद में झारखंड हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत दी है। विज्ञापन संख्या 13/2023 के तहत चल रही नियुक्ति प्रक्रिया को चुनौती देने वाली आदित्य कुमार व अन्य की याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने संबंधित 43 पदों को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर 2026 को होगी और इसे अंतिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
अधिक अंक के बावजूद चयन नहीं होने का दावा
याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता शुभम मिश्रा ने अदालत के समक्ष नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों को रखा। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि संबंधित श्रेणियों में उनके अंक अंतिम रूप से चयनित कुछ अभ्यर्थियों से अधिक हैं। इसके बावजूद उन्हें नियुक्ति में शामिल नहीं किया गया।
याचिकाकर्ताओं ने यह भी अदालत को बताया कि पारा और नन-पारा दोनों श्रेणियों में पद उपलब्ध हैं। उनका तर्क है कि इन रिक्तियों के बावजूद उनके दावों पर अपेक्षित तरीके से विचार नहीं किया गया।
JSSC का पक्ष अभी लंबित
इस मामले में पिछली सुनवाई के दौरान झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) को अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया गया था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, तय अवधि में आयोग की ओर से जवाब दाखिल नहीं किया जा सका।
अंतिम फैसले तक सुरक्षित रहेंगे 43 पद
मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के दावों से जुड़े 43 पदों को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया है। फिलहाल इन पदों पर ऐसी स्थिति बनाए रखने को कहा गया है, जिससे अदालत के अंतिम निर्णय का प्रभाव सुरक्षित रह सके।
अब मामले की अगली सुनवाई 30 अक्टूबर 2026 को होगी। इसी सुनवाई में नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े विवाद और याचिकाकर्ताओं के दावों पर अदालत आगे का निर्णय लेगी।
