लातेहार: जिले में नल जल योजना के माध्यम से हर घर तक पानी पहुंचाने की सरकार की मुहिम कागज में भले ही उपयोगी साबित दिख रही हो लेकिन धरातल पर सच्चाई इसके उलट है. लातेहार सदर प्रखंड के माराबार गांव में लोगों के घर में नल तो लगे हैं परंतु उसमें जल नहीं आता है.
दरअसल, माराबार गांव में लगभग 60 आदिवासी परिवार रहते हैं. यहां जल जीवन मिशन और दूसरी अन्य योजनाओं से कुल पांच जल मीनार लगाकर लोगों को पेयजल आपूर्ति सुचारु करने की योजना तैयार की गई थी लेकिन योजना धरातल पर उतरने से पहले ही ध्वस्त हो गई है. गांव की पांच जल मीनार में से चार जल मीनार खराब हैं. यहां बस एकमात्र जलमीनार चालू स्थिति में है. हालांकि इस जलमीनार से भी ग्रामीणों के घर तक पानी की आपूर्ति नहीं होती है
पांच जल मीनारों में से एक जल मीनार में पानी की सुविधा
ग्राम प्रधान रामलगन सिंह, ग्रामीण सूबेदार सिंह, ग्रामीण महिला मंजू देवी समेत अन्य ग्रामीणों ने बताते हैं कि गांव में पांच जल मीनार लगाए गए हैं लेकिन इनमें चार खराब हैं. ग्रामीणों ने यह भी बताया कि आज तक किसी भी ग्रामीण के घर में नल जल योजना के तहत पानी नहीं पहुंचा है. नल जल योजना के तहत जो पाइप बिछाई गई थी, उसकी गुणवत्ता इतनी खराब थी कि सारा पाइप खराब हो गया.
तत्काल सुधारे जाएंगे जलमीनार: कार्यपालक अभियंता
वहीं इस विषय में पूछने पर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता दीपक महतो ने बताया कि जहां भी नल जल योजना के तहत लगाया गया जल मीनार खराब है, वहां तत्काल सर्वे कराकर नल जल योजना को दुरुस्त किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यदि कहीं पानी की समस्या हो तो ग्रामीण सूचना दे सकते हैं. विभाग इस मामले में त्वरित कार्रवाई करेगा.
15वीं वित्त की फंड से की जाएगी मरम्मत
इस संबंध में पंचायत के मुखिया रामजी सिंह ने कहा कि माराबार गांव में जल मीनार खराब होने की सूचना उन्हें मिली है. अब प्रयास किया जा रहा है कि जल्द ही उसकी मरम्मत कर दी जाए.
पूरी तरह सुविधा विहीन है यह गांव
बता दें कि यह गांव पूरी तरह सुविधा विहीन है. गांव तक जाने के लिए, जो रास्ता है वह बेहद खराब है. लातेहार जिला मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस गांव के लोगों को जिला मुख्यालय पहुंचने के लिए दो नदियों को पार करना पड़ता है. किसी भी नदी में पुल नहीं रहने के कारण गांव तक पहुंचना काफी मुश्किल होता है. बारिश के दिनों में तो स्थिति और भी बदतर हो जाती है. बरसात में यदि किसी की तबीयत बिगड़ हो जाए तो फिर उसका इलाज भी मुश्किल हो जाता है.


