लॉस एंजिल्स: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे राजनीतिक तनाव का असर फीफा वर्ल्ड कप भी पड़ रहा है. ईरान ने काफी हिचकिचाहट के बाद अमेरिका में अपना वर्ल्ड कप मैच खेला. भारतीय समय के अनुसार मंगलवार 16 जून को ईरान ने लॉस एंजिल्स में न्यूजीलैंड के खिलाफ ड्रॉ के साथ अपने वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत की, लेकिन मैच के बाद का उनका अनुभव सुखद नहीं रहा. क्योंकि वर्ल्ड कप का अपना पहला मैच खेलने के तुरंत बाद ईरानी फुटबॉल टीम को अधिकारियों ने देश छोड़ने के लिए कहा.
ईरान का बेस कैंप मैक्सिको में
अमेरिका 2026 वर्ल्ड कप का सह-मेजबान है और इसका टूर्नामेंट पर बड़ा राजनीतिक असर है. मंगलवार की घटना भी इसी ओर इशारा करती है. गौरतलब है कि वर्ल्ड कप के लिए ईरान का बेस कैंप मैक्सिको में बनाया गया है, जो वर्ल्ड कप का दूसरा सह-मेजबान है. हालांकि, न्यूजीलैंड के मैच के बाद, ईरान को रिकवरी सेशन के लिए सोमवार की रात अमेरिका में बितानी थी. लेकिन समाचार एजेंसी एपी की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के कोच अमीर घालेनोई ने बताया कि मैच के कुछ ही घंटों के बाद उन्हें देश छोड़ने के आदेश मिले.

ईरान के कोच ने क्या कहा?
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए, घालेनोई ने कहा कि उनकी टीम को अचानक बताया गया कि लॉस एंजिल्स में मैच के तुरंत बाद उन्हें मैक्सिको लौटना होगा. घालेनोई के अनुसार, टीम को पहले बताया गया था कि वे मंगलवार दोपहर तक अमेरिका में रह सकते हैं, लेकिन मैच खत्म होते ही यात्रा कार्यक्रम बदल दिया गया.
घालेनोई ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से कहा, ‘खेल के बाद उन्होंने हमसे कहा, ‘आपको तुरंत जाना होगा।’ हमें प्लेन में बैठकर तिजुआना में अपने कैंप में लौटने के लिए कहा गया है, और हम इससे वास्तव में परेशान हैं.’ उन्होंने आगे कहा, ‘वे हमें जल्दी वापस जाने के लिए मजबूर कर रहे हैं. वे स्थिति को और अधिक कठिन बना रहे हैं, और मुश्किलें पैदा कर रहे हैं, लेकिन हम इसे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने से नहीं रोकेंगे.’
हम सबसे अधिक पीड़ित टीम है
कोच ने यह भी दावा किया कि टूर्नामेंट की तैयारी के दौरान ईरान को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. उन्होंने कहा, ‘हमें खेल से दो रात पहले पहुंचना था, लेकिन उन्होंने इसकी अनुमति नहीं दी. हमें रिकवरी के लिए आज रात यहां रुकना था और दोपहर के भोजन के समय लौटना था. मुझे लगता है कि हमारी टीम पूरे वर्ल्ड कप में सबसे अधिक पीड़ित टीम है. हमारा फेडरेशन यहां नहीं है, हमारी मीडिया यहां नहीं है, हमारा मैनेजमेंट यहां नहीं है.’

ईरान के स्ट्राइकर मेहदी तारेमी ने स्थिति को आपदा बताया. उन्होंने कहा, ‘खिलाड़ियों और स्टाफ के लिए यह बहुत तनावपूर्ण है, हम बस इस स्थिति से थक चुके हैं, यह बहुत बुरा है, और यह हमारी टीम को प्रभावित करता है.’
बता दें कि वर्ल्ड कप में ईरान की भागीदारी अनिश्चितता से घिरी रही है, जिसका संबंध मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध और उससे जुड़ी सुरक्षा चिंताओं से है. ग्रुप चरण में ईरान की यात्रा संबंधी चिंताएं आगे भी बनी रह सकती हैं.
ईरान का अगला मैच बेल्जियम से है, जो कि 22 जून को अमेरिका के लॉस एंजिल्स में ही खेला जाएगा. उसके बाद 27 जून को उनका आखेरी ग्रुप मैच मिस्र से होगा.ये मैच भी अमेरिका के सीटल में खेला जाएगा.


