चेन्नई, 10 अक्टूबर 2026: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को चेन्नई में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत पर निशाना साधा। उन्होंने युवाओं से विरोध प्रदर्शन जारी रखने की अपील करते हुए कहा कि संविधान की रक्षा की लड़ाई में वे उनके साथ खड़े हैं।
राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार और संविधान पर हमला करने वालों के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि चाहे जितनी पुलिस तैनात कर दी जाए या नेताओं और युवाओं को गिरफ्तार कर लिया जाए, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
‘जितनी चाहें पुलिस बुला लें, हम पीछे नहीं हटेंगे’
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार चाहे तो 10 हजार, 20 हजार या 50 हजार पुलिसकर्मियों को बुला सकती है और प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार भी कर सकती है, लेकिन इससे उनका आंदोलन नहीं रुकेगा।
उन्होंने कहा कि युवा अपनी आवाज उठाते रहें और संविधान की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखें। राहुल गांधी ने भरोसा जताया कि कांग्रेस और विपक्षी नेता युवाओं के साथ खड़े रहेंगे।
मोदी, शाह और RSS पर लगाए आरोप
राहुल गांधी ने कहा कि वह पिछले एक दशक से अधिक समय से नरेंद्र मोदी और RSS की विचारधारा के खिलाफ राजनीतिक संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, मोहन भागवत, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का नाम लेते हुए उन पर राजनीतिक निशाना साधा।
अपने बयान में राहुल गांधी ने इन नेताओं और पदाधिकारियों के प्रति तीखी आलोचनात्मक भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष संविधान और जनता की आवाज की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहा है। ये आरोप राहुल गांधी के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं।
युवाओं से प्रदर्शन जारी रखने की अपील
कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्हें देश के युवाओं पर गर्व है। उन्होंने युवाओं से विरोध प्रदर्शन जारी रखने और लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आवाज उठाने का आग्रह किया।
राहुल गांधी ने कहा कि उनका उद्देश्य संविधान की रक्षा करना और यह सुनिश्चित करना है कि देश की जनता की आवाज सुरक्षित रहे। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 10 से 15 वर्षों में देश के साथ जो कुछ हुआ है, उसकी पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।
दिल्ली में प्रदर्शन और हिरासत का भी किया जिक्र
रिपोर्ट के मुताबिक, राहुल गांधी का यह बयान दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए प्रदर्शन के बीच आया। खबर में दावा किया गया है कि दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे 3,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। इसके अलावा, एहतियातन आपराधिक रिकॉर्ड वाले 600 से अधिक लोगों को भी हिरासत में लिए जाने की बात कही गई है।
इन आंकड़ों और हिरासत की परिस्थितियों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
चेन्नई में मुख्यमंत्री विजय से भी मिले राहुल गांधी
चेन्नई पहुंचने पर राहुल गांधी का तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। वह ‘वॉयस ऑफ स्टूडेंट्स’ कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे, जिसका आयोजन आइलैंड ग्राउंड्स में किया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गांधी इसके बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के नीलंकरई स्थित आवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच एक घंटे से अधिक समय तक निजी बातचीत हुई। बाद में दोनों एक ही कार से पलवक्कम के एक रेस्तरां में भोजन करने गए।
हालांकि, दोनों नेताओं की मुलाकात में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
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