रामगढ़: जिले के सीसीएल अरगड्डा क्षेत्र में लंबे समय से जारी बिजली और पानी की गंभीर समस्या को लेकर मंगलवार को जनाक्रोश खुलकर सामने आया. हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के नेतृत्व में अरगड्डा महाप्रबंधक (जीएम) कार्यालय के समक्ष सैकड़ों की संख्या में लोग धरने पर बैठे और कार्यालय का घेराव किया. क्षेत्र की विभिन्न बस्तियों से पहुंचे हजारों लोगों और जनप्रतिनिधियों ने प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.
भीषण गर्मी के बीच बिजली और पानी की लगातार बिगड़ती व्यवस्था से परेशान लोगों ने कहा कि अब हालात असहनीय है. कई इलाकों में अनियमित जलापूर्ति के कारण लोगों को दूर-दराज से पानी ढोना पड़ रहा है, जबकि लगातार बिजली कटौती ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है.
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सीसीएल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप
मौके पर सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि अरगड्डा क्षेत्र की जनता पिछले 20 से 25 दिनों से गंभीर बिजली और पानी संकट से जूझ रही है. दिन के समय 8 से 10 घंटे तक बिजली काटी जा रही है, जिससे जलापूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि सीसीएल प्रबंधन की घोर लापरवाही के कारण लोगों को दूषित पानी मिल रहा है. यदि कोई व्यक्ति यह पानी लगातार एक महीने तक पी ले, तो उसकी तबीयत बिगड़ सकती है और उसे अस्पताल तक जाना पड़ सकता है.
उन्होंने कहा कि पहले खदान क्षेत्र से सीधे घरों तक पानी की आपूर्ति की जाती थी, लेकिन पिछले 20–25 दिनों से इस व्यवस्था को भी बंद कर दिया गया है. सांसद ने गिद्दी पुल की जर्जर स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि यह पुल किसी तरह उपयोग में है, लेकिन इसके पुनर्निर्माण या मरम्मत के लिए सीसीएल द्वारा कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है.

सीसीएल अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर सवाल
सांसद ने सीसीएल अस्पताल की बदहाल व्यवस्था पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि अस्पताल में पांच डॉक्टर तो हैं, लेकिन बीपी मापने की केवल एक मशीन उपलब्ध है. न एक्स-रे की पर्याप्त सुविधा है, न एमआरआई और न ही सीटी स्कैन जैसी आधुनिक जांच सुविधा. इससे स्पष्ट है कि स्थानीय लोगों और कर्मचारियों के स्वास्थ्य को लेकर प्रबंधन गंभीर नहीं है.
सांसद ने कहा कि सीसीएल के निचले ग्रेड के कर्मचारी अत्यंत खराब परिस्थितियों में रहने को मजबूर हैं. कई क्वार्टर जर्जर हो चुके हैं और कॉलोनियों में सड़क, स्ट्रीट लाइट, नाली और अन्य बुनियादी सुविधाओं का अभाव है. जीएम कार्यालय आने वाले पेंशनरों और कर्मचारियों के लिए बैठने, पेयजल और भोजन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं.

सीएसआर फंड के उपयोग पर सवाल
हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने सीएसआर फंड के उपयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद उसका प्रभाव जमीन पर दिखाई नहीं देता. उन्होंने कहा कि यदि बिजली, पानी, स्वास्थ्य, आवास और अन्य मूलभूत समस्याओं के समाधान के लिए सीसीएल प्रबंधन शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं करता है, तो आने वाले दिनों में जीएम कार्यालय के गेट पर ताला जड़ दिया जाएगा और यहां से कोयले का एक टुकड़ा भी बाहर नहीं जाने दिया जाएगा. क्षेत्र की जनता और कर्मचारियों को उनका अधिकार और मूलभूत सुविधाएं हर हाल में मिलनी चाहिए.

ये हैं प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि क्षेत्र में नियमित बिजली और जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए, सीएसआर योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, पेंशनरों और कर्मचारियों के लिए कार्यालय में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और जर्जर क्वार्टरों की शीघ्र मरम्मत कराई जाए. वहीं धरना स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहे. आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.


