मुंबई: छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से विदेश जाने वाले यात्रियों के लिए आने वाले दिनों में उड़ानों के विकल्प सीमित हो सकते हैं। टर्मिनल-1 (T1) के प्रस्तावित पुनर्विकास के चलते 25 अक्टूबर 2026 की रात से मुंबई एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में करीब 33 प्रतिशत की कमी की योजना है। इसके तहत हर सप्ताह करीब 265 अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को रद्द या दूसरे एयरपोर्ट पर स्थानांतरित किया जाना है।
जनवरी 2027 से T1 का होगा पुनर्निर्माण
मुंबई एयरपोर्ट पर फिलहाल दो प्रमुख टर्मिनल हैं। घरेलू उड़ानों के लिए T1 और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए T2 का इस्तेमाल होता है। जनवरी 2027 से T1 को नए सिरे से विकसित करने की तैयारी है।
T1 का घरेलू यातायात T2 पर स्थानांतरित किए जाने के बाद वहां यात्रियों और एयरलाइंस के लिए अतिरिक्त व्यवस्था करनी होगी। इसी कारण T2 से संचालित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के स्लॉट में कटौती की जा रही है। खाली होने वाले चेक-इन काउंटर, बोर्डिंग गेट और बैगेज सुविधाओं का इस्तेमाल घरेलू परिचालन के लिए किया जा सकेगा।
770 से घटकर 505 हो सकती हैं साप्ताहिक उड़ानें
मौजूदा व्यवस्था में करीब 46 एयरलाइंस मुंबई के T2 से हर सप्ताह लगभग 770 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें संचालित करती हैं। विंटर शेड्यूल लागू होने के बाद यह संख्या करीब 505 रह जाने की बात सामने आई है।
कटौती का असर भारतीय और विदेशी दोनों एयरलाइंस पर पड़ेगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक:
- इंडिगो: 224 साप्ताहिक अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में से 74 कम हो सकती हैं।
- एयर इंडिया: 100 में से 33 उड़ानों की कटौती प्रस्तावित है।
- अकासा एयर: 11 उड़ानों में कमी।
- एयर इंडिया एक्सप्रेस: 7 उड़ानों की कटौती।
- स्पाइसजेट: 5 उड़ानें कम करने की बात कही गई है।
- एमिरेट्स: 28 साप्ताहिक उड़ानों में से 10 कम हो सकती हैं।
- इतिहाद एयरवेज: 28 में से 10 उड़ानों की कटौती प्रस्तावित है।
नवी मुंबई एयरपोर्ट पर उड़ानें शिफ्ट करने का सुझाव
मुंबई एयरपोर्ट का संचालन करने वाली MIAL ने एयरलाइंस को प्रभावित उड़ानों को निर्माणाधीन नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NMIA) पर स्थानांतरित करने का सुझाव दिया है। हालांकि, कुछ एयरलाइंस इस व्यवस्था को लेकर आपत्ति जता रही हैं।
इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) ने भी नागरिक उड्डयन मंत्रालय से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन का कहना है कि एयरपोर्ट बदलने जैसे फैसले एयरलाइंस की सहमति और परिचालन की व्यावसायिक व्यवहार्यता को ध्यान में रखकर किए जाने चाहिए।
वहीं, एयर फ्रांस-केएलएम समूह ने मुंबई और नवी मुंबई के बीच परिचालन बांटने को लेकर व्यावहारिक कठिनाइयों का हवाला दिया है।
विदेश जाने वाले यात्रियों को क्या करना चाहिए?
25 अक्टूबर 2026 या उसके बाद मुंबई से अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी फ्लाइट की स्थिति पहले से जांच लेने की सलाह दी गई है। टिकट बुक करने के बाद भी यात्रा से पहले संबंधित एयरलाइन से उड़ान का समय, एयरपोर्ट और संचालन की स्थिति की पुष्टि करना उपयोगी रहेगा।
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