Saturday, October 3, 2026

दुमका में राज्य जूनियर तीरंदाजी चैंपियनशिप का आगाज, 24 जिलों के 250 खिलाड़ी ले रहे हिस्सा.

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दुमका: झारखंड की उपराजधानी दुमका में 17वीं राज्य जूनियर तीरंदाजी प्रतियोगिता की शुरुआत हो गई है। कमार दुधानी स्थित तीरंदाजी अकादमी ग्राउंड में आयोजित इस दो दिवसीय प्रतियोगिता में राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ी पहुंचे हैं।

24 जिलों से पहुंचे खिलाड़ी और प्रशिक्षक

प्रतियोगिता में झारखंड के सभी 24 जिलों के साथ अलग-अलग तीरंदाजी अकादमियों के करीब 250 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इनमें लगभग 150 महिला तीरंदाज शामिल हैं। खिलाड़ियों के साथ करीब 100 कोच और अन्य अधिकारी भी प्रतियोगिता का हिस्सा हैं।

प्रतियोगिता में जूनियर वर्ग के खिलाड़ी इंडियन, रिकर्व और कंपाउंड राउंड में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

कई उभरते और अनुभवी जूनियर तीरंदाज मैदान में

प्रशिक्षक सुमित कुमार मिश्रा के मुताबिक प्रतियोगिता में ऐसे कई खिलाड़ी भी शामिल हैं, जो राष्ट्रीय स्तर की स्पर्धाओं में अपनी पहचान बना चुके हैं। इनमें रामगढ़ के मोहित कुमार, चाईबासा के कृष्णा पींगवा और राजू बांड्रा, दुमका के दिनेश मुर्मू, अरविंद टुडू और प्रकाश मांझी, जमशेदपुर की मेगा बेसरा, धनबाद की मधु कुमारी, रांची की काजल कुमारी और चाईबासा की संध्या रानी गोप समेत अन्य खिलाड़ी शामिल हैं।

उद्घाटन में सांसद और विधायक रहे मौजूद

प्रतियोगिता का उद्घाटन दुमका सांसद नलिन सोरेन और जामा विधायक सह जिला तीरंदाजी संघ की अध्यक्ष डॉ. लुईस मरांडी ने किया। इस दौरान खेल से जुड़े पदाधिकारी, प्रशिक्षक और अन्य लोग भी मौजूद रहे।

डॉ. लुईस मरांडी ने कहा कि दुमका में राज्य स्तरीय तीरंदाजी प्रतियोगिता का आयोजन क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। उन्होंने बताया कि इस प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आगे राष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अवसर मिलेगा।

जयपुर में जूनियर नेशनल चैंपियनशिप

प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन 21 से 28 अक्टूबर तक जयपुर में होने वाली जूनियर नेशनल तीरंदाजी चैंपियनशिप के लिए किया जा सकता है। राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों के लिए आगे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के रास्ते खुलने की संभावना रहेगी।

कम उम्र से तीरंदाजी का अभ्यास

सांसद नलिन सोरेन ने कहा कि दुमका समेत झारखंड के कई इलाकों में बच्चे कम उम्र से ही तीरंदाजी का अभ्यास शुरू कर देते हैं। उनका कहना है कि लगातार प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं में भागीदारी से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलता है।

उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने और झारखंड से अंतरराष्ट्रीय स्तर के तीरंदाज तैयार करने के लिए सरकार की ओर से प्रयास किए जा रहे हैं।

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