रांची: झारखंड में मंगलवार को भाजपा के आह्वान पर हुए बंद को मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने असफल करार दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता भाजपा की राजनीति और उसके रुख को समझ चुकी है। मंत्री ने छात्र आंदोलन के मुद्दे पर भाजपा पर प्रदर्शन को उग्र बनाने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया।
शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि छात्रों को अपनी मांगों और समस्याओं को लोकतांत्रिक तरीके से उठाने का पूरा अधिकार है। सरकार भी बातचीत और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास रखती है। उनके मुताबिक, छात्र आंदोलन के दौरान प्रशासन और पुलिस को संयम बरतने तथा संवेदनशील तरीके से स्थिति संभालने के निर्देश दिए गए थे।
छात्र आंदोलन में बाहरी लोगों के शामिल होने का दावा
मंत्री ने आरोप लगाया कि मीडिया कवरेज और लाइव प्रसारण के दौरान ऐसे लोगों की मौजूदगी दिखाई दी, जो छात्रों के आंदोलन को दूसरी दिशा में ले जाने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि कुछ राजनीतिक और असामाजिक तत्व छात्रों की भीड़ का हिस्सा बनकर माहौल को उग्र करने का प्रयास कर रहे थे।
उन्होंने बाहर से लोगों को लाकर छात्र आंदोलन को प्रभावित करने के कथित प्रयास को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। मंत्री ने भाजपा से अपील की कि युवाओं और छात्रों के मुद्दों को राजनीतिक टकराव का विषय बनाने के बजाय उनके भविष्य से जुड़े सवालों पर गंभीर चर्चा की जानी चाहिए।
छात्रों से लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील
शिल्पी नेहा तिर्की ने आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राओं से अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाते रहने की अपील की। उन्होंने छात्रों को राजनीतिक प्रभाव से बचने और किसी ऐसे कदम से दूर रहने की सलाह दी, जिससे आंदोलन का मूल मुद्दा प्रभावित हो।
मंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों के साथ बातचीत के लिए तैयार है और उनकी समस्याओं का समाधान संवाद के जरिए निकालने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में बातचीत के माध्यम से समाधान तलाशना सबसे प्रभावी रास्ता है और सरकार इसी दिशा में आगे बढ़ेगी।
