रांची। झारखंड विधानसभा परिसर में मंगलवार को 77वें राज्यव्यापी वन महोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि झारखंड की पहचान उसके जल, जंगल, पहाड़ और नदियों से है और यहां की प्रकृति राज्य के सामाजिक जीवन व संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा सिर्फ सरकारी विभागों की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें समाज के हर व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है। उन्होंने वन महोत्सव को केवल पौधे लगाने का कार्यक्रम मानने के बजाय लगाए गए पौधों को बचाने और उन्हें विकसित करने पर जोर दिया।
पौधारोपण के साथ पौधों की देखभाल भी जरूरी
हेमंत सोरेन ने कहा कि पौधारोपण के बाद पौधों की नियमित देखभाल नहीं की गई तो अभियान का उद्देश्य पूरा नहीं होगा। उन्होंने वन विभाग को पौधों की सुरक्षा, पोषण और नियमित देखरेख के लिए विशेष पहल करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने पर्यावरण पर बढ़ते दबाव को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि विकास गतिविधियों के साथ पेड़ों की कटाई, खनिज संसाधनों का अत्यधिक दोहन, भूजल का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल और नदियों के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा जैसी गतिविधियां पर्यावरणीय संतुलन को प्रभावित कर रही हैं। इसका असर इंसानों के साथ-साथ वन्यजीवों और पक्षियों पर भी पड़ रहा है।
जल संकट से निपटने के लिए वर्षा जल संचयन पर जोर
मुख्यमंत्री ने भविष्य में जल संकट को गंभीर चुनौती बताते हुए वर्षा जल को संरक्षित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि बारिश के पानी को संग्रहित करने और उसे जमीन के भीतर पहुंचाने की दिशा में व्यापक स्तर पर काम किया जाना चाहिए।
उन्होंने शहरों में भी पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने की जरूरत बताई। मुख्यमंत्री के अनुसार प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण केवल ग्रामीण इलाकों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि शहरी क्षेत्रों में भी इसकी उतनी ही आवश्यकता है।
विधायकों के आवास पर लगाए जाएंगे फलदार पौधे
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों को विधायकों के आवासीय परिसरों में फलदार पौधे लगाने की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी विधायकों को पौधे उपलब्ध कराने और उनके रोपण की प्रक्रिया सुनिश्चित करने को कहा।
कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने भी वन महोत्सव की उपयोगिता और प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने की जरूरत पर विचार रखे। प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया।
मौके पर मंत्री राधाकृष्ण किशोर, हफीजुल हसन, इरफान अंसारी, शिल्पी नेहा तिर्की समेत कई विधायक, वन विभाग के अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
