मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 16 अप्रैल 2026 को उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला. शुरुआती कारोबार में करीब 1% की बढ़त बनाने के बाद, बाजार दिन के उच्चतम स्तरों को बरकरार नहीं रख सका. बैंकिंग और ऑटोमोबाइल सेक्टर के दिग्गजों में हुई भारी बिकवाली ने बाजार की तेजी पर ब्रेक लगा दिया
कारोबार के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 122.56 अंक (0.16%) गिरकर 77,988.68 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 34.55 अंक (0.14%) की मामूली गिरावट के साथ 24,196.75 पर रहा. गौरतलब है कि दिन के दौरान सेंसेक्स अपने हाई से करीब 741 अंक नीचे आ गया.
प्रमुख कारण और सेक्टर का प्रदर्शन
बाजार में गिरावट का सबसे बड़ा कारण HDFC बैंक, ONGC और टाइटन जैसे भारी वजन वाले शेयरों में मुनाफावसूली रही. बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स में सबसे ज्यादा कमजोरी देखी गई. इसके विपरीत, आईटी (IT) और मेटल सेक्टर में मजबूती रही, जिसने बाजार को और अधिक गिरने से बचा लिया. हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और अडाणी एंटरप्राइजेज निफ्टी के टॉप गेनर्स में शामिल रहे.
निवेशकों में सावधानी की वजह
बाजार के जानकारों के अनुसार, निवेशक फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली आगामी वार्ताओं को लेकर सतर्क हैं. भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों (ब्रेंट क्रूड करीब $96.50 पर) ने महंगाई की चिंता बढ़ा दी है. तकनीकी विश्लेस्कों का कहना है कि निफ्टी के लिए 24,300 का स्तर एक मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है. यदि निफ्टी इसे पार नहीं कर पाता है, तो यह 24,000 के स्तर तक नीचे आ सकता है.
मिडकैप और स्मॉलकैप में रौनक
भले ही बड़े शेयरों (ब्लू-चिप) में दबाव रहा, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही. निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.63% और निफ्टी स्मॉलकैप में 0.83% की बढ़त दर्ज की गई, जो बाजार के प्रति सकारात्मक अंडरटोन को दर्शाता है.
शेयर बाजार की सुस्ती के बीच भारतीय रुपये के लिए अच्छी खबर रही. पिछले चार दिनों की गिरावट को थामते हुए रुपया आज मजबूत हुआ. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की वापसी से रुपये को सहारा मिला है. जानकारों के मुताबिक, निकट भविष्य में रुपया 92.80 से 93.50 के दायरे में रह सकता है.
आने वाले दिनों में बाजार की दिशा कंपनियों के तिमाही नतीजों, कच्चे तेल की स्थिरता और वैश्विक संकेतों पर निर्भर करेगी. निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे ऊंचे स्तरों पर सावधानी बरतें और क्वालिटी शेयरों पर ध्यान दें.


