पटना, 6 अक्टूबर 2026। गया जी और बोधगया को धार्मिक पर्यटन के साथ आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने के लिए तैयार एकीकृत मास्टर प्लान-2047 में बड़े स्तर पर विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार की गई है। योजना में सड़क नेटवर्क, ट्रैफिक व्यवस्था, पार्किंग, पैदल यात्रियों की सुविधा, पर्यटन केंद्रों और नदी किनारे विकास को एक साथ जोड़ा गया है।
मास्टर प्लान के तहत गया जी और बोधगया में कुल करीब 556.06 किलोमीटर सड़क नेटवर्क विकसित करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा महाबोधि मंदिर के आसपास यातायात दबाव कम करने के लिए लगभग 500 मीटर लंबे महाबोधि कॉरिडोर की भी परिकल्पना की गई है।
गया-बोधगया के लिए अलग-अलग नहीं, एकीकृत विकास की योजना
प्रस्तावित सड़क नेटवर्क में गया जी क्षेत्र के लिए करीब 435.07 किलोमीटर और बोधगया के लिए लगभग 120.99 किलोमीटर सड़कें शामिल हैं। नई सड़कों के निर्माण के साथ मौजूदा मार्गों को चौड़ा करने की योजना भी रखी गई है।
सड़कों की चौड़ाई जरूरत के अनुसार 12, 18, 24, 30, 60 और 90 मीटर तक रखे जाने का प्रस्ताव है। रेडियल रोड, रिंग रोड और आउटर रिंग रोड के माध्यम से दोनों शहरों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर करने पर जोर दिया गया है।
योजना का उद्देश्य गया जी और बोधगया को अलग-अलग शहरी इकाइयों के बजाय एक एकीकृत पर्यटन और मोबिलिटी कॉरिडोर के रूप में विकसित करना है।
महाबोधि मंदिर के आसपास नियंत्रित होगी ट्रैफिक
महाबोधि कॉरिडोर में वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने के साथ पैदल यात्रियों के लिए बेहतर रास्ते, साइन बोर्ड, लैंडस्केपिंग और पर्यटक सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव है।
गौरी रोड पर मल्टीलेवल पार्किंग की योजना है। वहीं गौरी रोड से होटल एंबेसी की तरफ करीब 600 मीटर के हिस्से में ई-रिक्शा जैसे इंटरमीडिएट पब्लिक ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था विकसित करने का प्रस्ताव है। इसके आगे मंदिर परिसर की दिशा में पैदल और गैर-मोटर चालित परिवहन को प्राथमिकता देने की योजना है।
पर्यटकों के लिए विकसित होंगी नई सुविधाएं
मास्टर प्लान में पर्यटन से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं को बढ़ाने की भी योजना है। इसके तहत होटल और धर्मशाला के अलावा कई अन्य सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है।
- वेलनेस और मेडिटेशन सेंटर
- पर्यटक सूचना केंद्र
- पार्किंग हब
- स्मारिका बाजार
- फूड स्ट्रीट
इसके साथ स्थानीय स्तर पर पर्यटन को बढ़ाने के लिए होम-स्टे, गांव पर्यटन, हस्तशिल्प, एग्रो-टूरिज्म और इको-टूरिज्म को प्रोत्साहित करने की योजना है। साइकिलिंग और वॉकिंग ट्रेल जैसी गतिविधियों को भी पर्यटन ढांचे में शामिल किया जाएगा।
फल्गु नदी के किनारे बनेगा रिवरफ्रंट
मास्टर प्लान का एक अहम हिस्सा फल्गु नदी रिवरफ्रंट है। नदी के किनारे घाटों के साथ प्रोमेनेड, सांस्कृतिक प्लाजा, खुले सार्वजनिक स्थान और हरित क्षेत्र विकसित करने का प्रस्ताव है। रात के समय क्षेत्र को आकर्षक बनाने के लिए लाइटिंग की व्यवस्था भी योजना में शामिल है।
पर्यटन गतिविधियों को विस्तार देने के लिए नौकायन, सांस्कृतिक क्रूज और इको-टूरिज्म जैसी गतिविधियों की संभावनाएं भी रखी गई हैं। इससे फल्गु नदी क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन के अलावा सांस्कृतिक और मनोरंजन आधारित पर्यटन से जोड़ने की कोशिश होगी।
एक पर्यटन सर्किट में जुड़ेंगे धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल
मास्टर प्लान में गया जी और बोधगया के प्रमुख धार्मिक व ऐतिहासिक स्थलों को बेहतर कनेक्टिविटी के जरिए एक पर्यटन सर्किट में जोड़ने का प्रस्ताव है।
इस नेटवर्क में विष्णुपद मंदिर, महाबोधि मंदिर, फल्गु नदी के घाट, डुंगेश्वरी पहाड़ियां, ब्रह्मयोनि, प्रेतशिला, रामशिला, मंगलागौरी मंदिर और सुजाता स्तूप जैसे प्रमुख स्थल शामिल हैं।
इसके साथ आसपास के गांवों को भी पर्यटन मार्ग से जोड़ने की योजना है। कुल मिलाकर मास्टर प्लान-2047 का लक्ष्य गया जी और बोधगया को धार्मिक, आध्यात्मिक और वैश्विक पर्यटन के लिहाज से अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक गंतव्य के रूप में विकसित करना है।
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