
बीजापुर : छत्तीसगढ़ तेलंगाना बार्डर इलाके के बीजापुर जिले में गुरुवार की सुबह से सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ चल रही है. इस नक्सली मुठभेड़ में सुरक्षा बल के जवानों ने 12 नक्सलियों को मार गिराया है. इलाके में नक्सलियों की धरपकड़ के लिए सर्चिंग अभियान भी तेज किया गया है.
मुठभेड़ में 12 नक्सली ढेर: पुलिस के मुताबिक 16 जनवरी की सुबह करीब 9 बजे दक्षिणी बीजापुर के जंगल में सुरक्षाकर्मियों की एक संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली. सर्चिंग के दौरान जवानों का सामना माओवादियों से हुआ. दोनों ओर से लगातार गोलीबारी होती रही. मुठभेड़ में अबतक 12 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है.
एकाउंटर में मिली सफलता: अभियान में राज्य पुलिस के तीन जिलों के जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी), कोबरा की 5 बटालियन (सीआरपीएफ की एक विशिष्ट जंगल युद्ध इकाई – कमांडो बटालियन फॉर रेसोल्यूट एक्शन) और सीआरपीएफ की 229वीं बटालियन के जवान शामिल हैं
इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी: नक्सलियों की तलाश में इलाके में सघन सर्चिंग अभियान चलाया गया है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सुरक्षा बलों को किसी भी तरह का कोई नुकसान मुठभेड़ में नहीं हुआ है. पुलिस अधिकारी की ओर से कहा गया है कि मुठभेड़ के बाद जब जवान लौटकर कैंप आएंगे तब पूरी जानकारी मीडिया को दी जाएगी.
साल 2025 में दूसरी बड़ी मुठभेड़: नए साल पर नक्सलियों के खिलाफ जवान नई रणनीति के साथ एक्शन ले रहे हैं. 12 जनवरी को बीजापुर में 5 माओवादी मारे गए थे. वहीं 6 जनवरी को बीजापुर के कुटरु में नक्सलियों के लगाए बम की चपेट में आने डीआरजी के 8 जवान शहीद हो गए थे. पिछले साल 2024 में राज्य में अलग-अलग मुठभेड़ों में सुरक्षा बलों ने 219 नक्सलियों को मार गिराया था.
“नक्सलियों का सफाया निश्चित है”: बीजापुर में गुरुवार 16 जनवरी आईईडी विस्फोट के बाद दो जवान घायल हो गए थे. इस घटना की छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निंदा की है. सीएम साय ने कहा कि सरकार और सुरक्षा बल नक्सलियों के खिलाफ कड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं और उनका सफाया निश्चित है.
यह नक्सलियों की कायरतापूर्ण हरकत है. सरकार और सुरक्षा बल उनके खिलाफ कड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं और उनका सफाया निश्चित है : विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़


