बिहार विधान परिषद के नवनिर्वाचित पवन सिंह, निशांत समेत 10 सदस्यों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली. समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत सत्ता और विपक्ष के कई बड़े नेता मौजूद रहे.
बिहार विधान परिषद के नवनिर्वाचित 10 सदस्यों ने बुधवार को पद और गोपनीयता की शपथ ली. पटना स्थित विधान परिषद एनेक्सी में आयोजित समारोह में राजनीतिक और प्रशासनिक जगत की कई बड़ी हस्तियां मौजूद रहीं. शपथ ग्रहण की शुरुआत भोजपुरी अभिनेता और गायक पवन सिंह ने की. उनके बाद स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, संजय मयूख, सुनील कुमार सिंह समेत सभी नवनिर्वाचित सदस्यों ने शपथ ली. सभी 11 जून को निर्विरोध निर्वाचित हुए थे.
शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी मौजूद रहे. समारोह के दौरान सत्ता और विपक्ष के नेताओं की मौजूदगी चर्चा का विषय रही. मंच पर विजय चौधरी के बगल में तेजस्वी यादव बैठे नजर आए.
10 सीटों पर सभी उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए
हाल ही में विधान परिषद की 10 सीटों के लिए चुनाव हुआ था. इन सीटों पर कुल 10 उम्मीदवारों ने ही नामांकन दाखिल किया, इसलिए सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए. इन सीटों में भाजपा और जेडीयू के चार-चार, जबकि राजद और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के एक-एक उम्मीदवार शामिल थे.
हालांकि, एनडीए ने मंत्री दीपक प्रकाश को इस बार एमएलसी उम्मीदवार नहीं बनाया. इसके बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं.
नीतीश कुमार की सीट से पहुंचे ललन प्रसाद
जेडीयू के वरिष्ठ नेता ललन प्रसाद को सबसे अहम सीट मिली. वे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा खाली की गई विधान परिषद सीट से निर्विरोध चुने गए हैं. पार्टी नेतृत्व का उन पर भरोसा इस बात का संकेत माना जा रहा है कि संगठन और सरकार में उनकी भूमिका आगे और मजबूत हो सकती है.
पवन सिंह का विधान परिषद में पहला कदम
भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार पवन सिंह ने पहली बार किसी सदन के सदस्य के रूप में शपथ ली. भाजपा ने उनकी लोकप्रियता और भोजपुरी क्षेत्र में मजबूत पकड़ को देखते हुए उन्हें उम्मीदवार बनाया था. पार्टी का मानना है कि पवन सिंह के जरिए शाहाबाद और भोजपुरी क्षेत्र में संगठन को और मजबूती मिलेगी.
राबड़ी-तेजस्वी के करीबी हैं सुनील सिंह
राजद के वरिष्ठ नेता डॉ. सुनील कुमार सिंह भी दोबारा विधान परिषद पहुंचे हैं. वे पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के करीबी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के भरोसेमंद नेताओं में माने जाते हैं. सदन में अपने आक्रामक और तार्किक अंदाज के लिए पहचान रखने वाले सुनील सिंह पर पार्टी ने एक बार फिर भरोसा जताया है.
LJP (रामविलास) से अशरफ अंसारी को मौका
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने अशरफ अंसारी को विधान परिषद भेजा है. वे पार्टी के बिहार प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष और मुख्य प्रवक्ता हैं. पार्टी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने उनके नाम की घोषणा करते हुए कहा था कि अशरफ अंसारी लंबे समय से पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता रहे हैं. संगठन को मजबूत करने में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है.


