दक्षिण-पश्चिम मॉनसून पूरे झारखंड में फैल गया है. हालांकि, उस अनुपात में सभी जिलों में लगातार बारिश नहीं हो रही है. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 2 और 3 जुलाई को बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव वाला क्षेत्र बनने की प्रबल संभावना है. इससे राज्य के कई इलाके में तेज हवा और वज्रपात के साथ बारिश होने की संभावना है.
मौसम विभाग के अनुसार, 2 जुलाई को लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. जबकि, अन्य जिलों में वज्रपात के साथ तेज हवा और एक या दो बार हल्की बारिश हो सकती है. तीन और चार जुलाई को भी गरज और वज्रपात के साथ हल्की बारिश व तेज हवा की संभावना है. 5 जुलाई को रांची सहित खूंटी, लोहरदगा, गुमला, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां और सिमडेगा में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. जबकि, अन्य जगहों पर आकाश में बादल छाये रहेंगे, वज्रपात व तेज हवा चल सकती है. छह जुलाई को भी रांची समेत कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है.
रांची का बढ़ा तापमान
पिछले 24 घंटे में रांची के तापमान में 3.4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई. वहीं, मेदिनीनगर में 1.2 डिग्री सेल्सियस की कमी रही. मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले दो दिनों में तापमान में फिर से दो से तीन डिग्री सेल्सियस की कमी आने की संभावना है.
रामगढ़ में 60.5 मिमी बारिश
बुधवार को रामगढ़ में 60.5 मिमी बारिश हुई. जबकि कोडरमा में 20 मिमी, जमशेदपुर में 4 मिमी, चाईबासा में 2 मिमी, लोहरदगा में 2 मिमी, गुमला और सरायकेला में एक-एक मिमी बारिश हुई. पिछले 24 घंटे में बहरागोड़ा में 84.8 मिमी बारिश हुई है.
रांची में 13 प्रतिशत कम बारिश
एक जून से एक जुलाई तक झारखंड में 99.8 मिमी बारिश हुई है. जबकि, सामान्य बारिश 197.8 मिमी है. यानी झारखंड में अब तक 50 प्रतिशत कम बारिश हुई है. दुमका में सामान्य से चार प्रतिशत अधिक बारिश हो गई है. रांची में अब भी 13 प्रतिशत कम बारिश हुई है. सबसे खराब स्थिति गढ़वा व साहिबगंज की है.


