पटना | 30 अक्टूबर 2026
बिहार की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। पटना स्थित बिहार म्यूजियम ने वर्ष 2026 की दुनिया के 100 सर्वश्रेष्ठ संग्रहालयों की सूची में नौवां स्थान हासिल किया है। जर्मनी के म्यूनिख से प्रकाशित ट्रैवल मैगजीन ‘वर्थ अ जर्नी’ की रैंकिंग में इसे एशिया का शीर्ष संग्रहालय बताया गया है। इस सूची में शामिल होने वाला बिहार म्यूजियम भारत का एकमात्र संग्रहालय बताया गया है।
इस उपलब्धि पर उद्योगपति और महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने खुशी जताई है। उन्होंने इसे भारतीय संग्रहालयों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि और भविष्य के संग्रहालयों के लिए प्रेरणादायक कदम बताया।
मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम और लूव्र से आगे बिहार म्यूजियम
रिपोर्ट के अनुसार, बिहार म्यूजियम ने दुनिया के कई प्रसिद्ध संग्रहालयों को पीछे छोड़ते हुए नौवां स्थान प्राप्त किया है। न्यूयॉर्क का मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट इस सूची में दसवें स्थान पर है, जबकि पेरिस के प्रसिद्ध लूव्र संग्रहालय को 31वां स्थान मिला है।
इस रैंकिंग को बिहार के लिए बड़ी सांस्कृतिक उपलब्धि माना जा रहा है। इससे राज्य की ऐतिहासिक विरासत और संग्रहालय की अंतरराष्ट्रीय पहचान को मजबूती मिली है।
आनंद महिंद्रा ने बताया भारतीय म्यूजियम के लिए गेम चेंजर
बिहार म्यूजियम की उपलब्धि पर आनंद महिंद्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे भारतीय संग्रहालयों के लिए गेम चेंजर बताते हुए कहा कि यह सफलता देश में संग्रहालयों के विकास और उनके अनुभव को नए स्तर पर ले जाने की प्रेरणा दे सकती है।
उन्होंने इस उपलब्धि के पीछे पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विजन, बिहार सरकार के प्रयासों और अधिकारियों की प्रतिबद्धता की सराहना भी की।
CM सम्राट चौधरी ने पटना आने का दिया न्योता
आनंद महिंद्रा की टिप्पणी के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर उनका आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की गौरवशाली विरासत राज्य की पहचान है और बेहतर भविष्य के निर्माण का संकल्प सभी का साझा लक्ष्य है।
इसी क्रम में उन्होंने आनंद महिंद्रा को पटना आकर बिहार म्यूजियम देखने और उनके साथ हाई टी पर बातचीत करने का निमंत्रण दिया।
उद्योग, कृषि और पर्यटन में निवेश पर चर्चा का प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने आनंद महिंद्रा को बिहार में उद्योग, कृषि, तकनीक और पर्यटन के क्षेत्र में संभावित साझेदारी पर विचार करने के लिए भी आमंत्रित किया। उन्होंने निवेश, रोजगार सृजन और स्टार्टअप के माध्यम से राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर तैयार करने की संभावना पर चर्चा का प्रस्ताव रखा।
इस पहल को बिहार में औद्योगिक निवेश और विकास की संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
आनंद महिंद्रा ने स्वीकार किया आमंत्रण
मुख्यमंत्री के निमंत्रण पर आनंद महिंद्रा ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सम्राट चौधरी के संदेश को आत्मीय और उत्साहवर्धक बताया। साथ ही बिहार म्यूजियम के प्रति मुख्यमंत्री के लगाव की सराहना की।
आनंद महिंद्रा ने कहा कि जब भी उन्हें बिहार आने का अवसर मिलेगा, वे मुख्यमंत्री के निमंत्रण को स्वीकार करते हुए म्यूजियम देखने जरूर आएंगे। हालांकि, उनके बिहार दौरे की तारीख अभी तय नहीं हुई है।
दीदारगंज यक्षी से लेकर आधुनिक वास्तुकला तक खास पहचान
पटना स्थित बिहार म्यूजियम लगभग 13.9 एकड़ क्षेत्र में फैला है। इसकी वास्तुकला को विश्वप्रसिद्ध जापानी वास्तुकार और प्रित्जकर पुरस्कार विजेता फुमिहिको माकी ने डिजाइन किया है।
संग्रहालय में मौर्यकालीन प्रसिद्ध दीदारगंज यक्षी की प्रतिमा, प्राचीन मूर्तियां, दुर्लभ सिक्के, पांडुलिपियां और लोककला से जुड़ी कलाकृतियां संरक्षित हैं। यहां पाषाण काल से लेकर आधुनिक दौर तक बिहार के इतिहास, संस्कृति और सभ्यता की झलक देखने को मिलती है।
बिहार के पर्यटन और निवेश को मिल सकती है नई गति
बिहार म्यूजियम की अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग से राज्य के सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इस उपलब्धि से देश-विदेश के पर्यटकों का ध्यान पटना और बिहार की ऐतिहासिक विरासत की ओर आकर्षित हो सकता है।
वहीं, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और आनंद महिंद्रा के बीच हुई बातचीत ने निवेश और औद्योगिक सहयोग की संभावनाओं को भी चर्चा में ला दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस संवाद से भविष्य में राज्य को पर्यटन, रोजगार और उद्योग के क्षेत्र में क्या लाभ मिलता है।
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