पटना | 30 अक्टूबर 2026
दुलारचंद यादव हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट से जमानत रद्द होने के बाद मोकामा विधायक अनंत सिंह ने आत्मसमर्पण करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है और अदालत जहां तथा जब निर्देश देगी, वह सरेंडर करेंगे। इसी के साथ अनंत सिंह ने जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार पर मामले में उन्हें फंसाने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। हालांकि, उनके इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
नीरज कुमार पर केस में नाम शामिल कराने का आरोप
अनंत सिंह का दावा है कि दुलारचंद यादव हत्याकांड में सबसे पहले उनका नाम नीरज कुमार ने शामिल करवाया था। उन्होंने आरोप लगाया कि जब वह करीब छह महीने से जमानत पर बाहर थे, तब नीरज कुमार इस मामले को दिल्ली ले गए। अनंत सिंह के मुताबिक, उन्हें इस पूरी प्रक्रिया की जानकारी काफी बाद में मिली।
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें कोई नोटिस या आधिकारिक सूचना नहीं दी गई और पूरी कार्रवाई पर्दे के पीछे हुई। अनंत सिंह ने आरोप लगाया कि नीरज कुमार ने उन्हें जेल भेजवाने के उद्देश्य से ऐसा किया।
राजनीति से संन्यास लेने के फैसले पर बदला रुख
राजनीति से संन्यास लेने के अपने पुराने बयान पर अनंत सिंह ने नया रुख जाहिर किया। उन्होंने कहा कि यदि उनके खिलाफ इस तरह का राजनीतिक खेल हुआ है, तो वह संन्यास नहीं लेंगे। जनता ने मौका दिया तो वह फिर चुनाव लड़ेंगे।
अनंत सिंह ने यह भी कहा कि उन्होंने जेडीयू का विरोध नहीं किया, बल्कि उनका विरोध नीरज कुमार से है। उन्होंने हत्याकांड के पीछे नीरज कुमार की भूमिका होने का आरोप भी लगाया। ये आरोप फिलहाल अनंत सिंह के बयान तक सीमित हैं।
नीरज कुमार ने फैसले को न्यायपालिका की जीत बताया
अनंत सिंह के आरोपों पर जेडीयू एमएलसी नीरज कुमार ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि इस मामले से उनका कोई लेना-देना नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि न्यायपालिका में अब भी निष्पक्षता और न्याय की व्यवस्था कायम है।
नीरज कुमार के अनुसार, शीर्ष अदालत का फैसला उन लोगों के लिए जवाब है जो न्यायपालिका और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं।
आरजेडी ने सरकार पर साधा निशाना
आरजेडी प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद अनंत सिंह को आत्मसमर्पण करना होगा। शक्ति सिंह यादव ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सत्ता के समर्थन और विरोध के आधार पर लोगों के साथ अलग-अलग व्यवहार किया जाता है।
उन्होंने अनंत सिंह के पुराने बयानों का हवाला देते हुए नीतीश कुमार के शासनकाल और कथित सत्ता-अपराध गठजोड़ पर सवाल उठाए। ये आरजेडी प्रवक्ता के राजनीतिक आरोप हैं।
क्या है दुलारचंद यादव हत्याकांड?
यह मामला बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दौरान मोकामा में हुई घटना से जुड़ा है। 30 अक्टूबर 2025 को चुनाव प्रचार के दौरान दुलारचंद यादव और अनंत सिंह के समर्थकों के बीच विवाद और झड़प हुई थी। इसके बाद दुलारचंद यादव की मौत हो गई थी।
दुलारचंद यादव उस समय जन सुराज के प्रत्याशी के समर्थन में प्रचार कर रहे थे। घटना के बाद पुलिस ने मामले में अनंत सिंह को मुख्य आरोपी बनाया और गिरफ्तार किया था। इस हत्याकांड को लेकर मोकामा क्षेत्र में राजनीतिक और स्थानीय वर्चस्व की लड़ाई की चर्चाएं भी सामने आई थीं।
सुप्रीम कोर्ट ने एक दिसंबर तक सरेंडर करने का दिया निर्देश
30 अक्टूबर 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने दुलारचंद यादव हत्याकांड में अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट से मिली जमानत रद्द कर दी। शीर्ष अदालत ने उन्हें एक दिसंबर 2026 तक संबंधित अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है।
अनंत सिंह ने बेटी की शादी का हवाला देते हुए सरेंडर के लिए अतिरिक्त समय मांगा था, लेकिन अदालत ने उन्हें यह राहत नहीं दी। अब उनके बयान के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पर नजर रहेगी।
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