पटना | 30 अक्टूबर 2026
बिहार की राजनीति में अनंत सिंह को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मोकामा विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी को लेकर पुरानी राजनीतिक घटनाओं का जिक्र करते हुए तंज कसा। उन्होंने कहा कि जब अनंत सिंह और उनकी पत्नी सरकार पर उन्हें फंसाने का आरोप लगा रहे थे, तब वे उनके साथ थे। लेकिन उनके यहां से जाने के बाद सरकार अच्छी हो गई थी। अब क्या स्थिति है, यह अनंत सिंह ही बता सकते हैं।
तेजस्वी यादव शुक्रवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को प्रस्तावित महागठबंधन की रैली में शामिल होने के लिए रवाना होने से पहले पटना में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने बिहार एमएलसी चुनाव के नतीजों, मतगणना की पारदर्शिता, बेरोजगारी, महंगाई और कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य और केंद्र सरकार पर निशाना साधा।
MLC चुनाव में समर्थन के लिए मतदाताओं का आभार
तेजस्वी यादव ने एमएलसी चुनाव में पार्टी को समर्थन देने वाले शिक्षकों, बुद्धिजीवियों, छात्रों, युवाओं और अन्य मतदाताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने मतगणना के दौरान सतर्कता बरती।
तेजस्वी का आरोप था कि मतगणना केंद्रों पर वोटों में हेराफेरी की कोशिश की जा रही थी, लेकिन कार्यकर्ताओं की सक्रियता के कारण ऐसा नहीं हो सका। हालांकि, इस संबंध में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग फिर दोहराई
एमएलसी चुनाव के नतीजों का हवाला देते हुए तेजस्वी यादव ने एक बार फिर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर से मतगणना में समय अधिक लग सकता है, लेकिन इस बार जहां आरजेडी को बढ़त मिल रही थी, वहां मतगणना में अधिक देरी हुई।
तेजस्वी ने दावा किया कि जब भी बैलेट पेपर से चुनाव हुए हैं, उनकी पार्टी को सफलता मिली है। उन्होंने एनडीए की तीन सीटों पर जीत का जिक्र करते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए।
मतगणना केंद्रों पर CCTV नहीं होने का आरोप
तेजस्वी यादव ने मतगणना केंद्रों की सुरक्षा और पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि जिस केंद्र पर मतगणना हो रही थी, वहां सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए थे।
उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बेहद जरूरी है और मतगणना के हर चरण की निगरानी की व्यवस्था होनी चाहिए। उनके मुताबिक, ऐसी व्यवस्था से किसी भी तरह की आशंका को दूर किया जा सकता है।
अपराध, बेरोजगारी और महंगाई पर सरकार को घेरा
बिहार की स्थिति पर बोलते हुए तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर कानून-व्यवस्था, रोजगार, महंगाई, भ्रष्टाचार और शिक्षा व्यवस्था को लेकर हमला बोला।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध की घटनाएं बढ़ रही हैं और बेरोजगारी तथा महंगाई से आम लोग परेशान हैं। तेजस्वी ने कहा कि गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत देने में सरकार सफल नहीं रही है।
नीतीश कुमार को लेकर पुराना दावा दोहराया
तेजस्वी यादव ने वर्ष 2024 के बाद बिहार की राजनीतिक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि वह पहले से दावा करते रहे हैं कि एनडीए के सहयोगी नीतीश कुमार को केवल राजनीतिक चेहरे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार को लेकर एनडीए की रणनीति में राजनीतिक स्वार्थ प्रमुख रहा है। यह तेजस्वी यादव का राजनीतिक आकलन है।
रामलीला मैदान की रैली में संविधान और SIR का मुद्दा
1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली को लेकर तेजस्वी यादव ने लोगों से शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि विपक्ष संविधान, लोकतंत्र और नागरिकों के मताधिकार से जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए एकजुट हो रहा है।
उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया पर विपक्ष की ओर से जताई जा रही चिंताओं का भी उल्लेख किया। तेजस्वी के मुताबिक, रैली में मतदाता अधिकार और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता जैसे मुद्दे प्रमुख रहेंगे।
अनंत सिंह के मामले पर न्यायालय का जिक्र
अनंत सिंह से जुड़े मामले पर सवाल पूछे जाने पर तेजस्वी यादव ने कहा कि न्यायालय अपना काम कर रहा है। किसने क्या आरोप लगाया है और मामले में क्या तथ्य हैं, इस पर फैसला करना अदालत का विषय है।
गौरतलब है कि अनंत सिंह को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। अदालत के निर्देश के बाद उन्हें 1 दिसंबर तक आत्मसमर्पण करना है। इस घटनाक्रम के बीच तेजस्वी की टिप्पणी ने बिहार की सियासत में एक बार फिर अनंत सिंह और आरजेडी के पुराने राजनीतिक संबंधों को चर्चा में ला दिया है।
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