नई दिल्ली: ग्राहकों को असली सर्विस कॉल और फर्जी फोन कॉल के बीच फर्क करने में मदद करने के लिए टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने एक नई पहल शुरू की है। अब बिजली, पानी, गैस, LPG, कूरियर और लॉजिस्टिक्स जैसी सेवाओं से जुड़ी कंपनियां ग्राहकों से संपर्क के लिए 1601 सीरीज के नंबरों का इस्तेमाल कर सकेंगी।
TRAI का मानना है कि इस व्यवस्था से आम मोबाइल नंबरों से की जाने वाली फर्जी सर्विस कॉल पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी। अक्सर ठग सामान्य 10 अंकों वाले मोबाइल नंबरों से फोन कर खुद को किसी कंपनी का प्रतिनिधि बताते हैं। नई नंबर सीरीज से ग्राहकों के लिए अधिकृत सर्विस कॉल की पहचान करना आसान हो सकता है।
किन कंपनियों को मिलेगा 1601 नंबर?
शुरुआती चरण में 1601 सीरीज को कई जरूरी सेवाओं से जुड़े कारोबार के लिए उपलब्ध कराया गया है। इनमें प्रमुख रूप से:
- बिजली वितरण कंपनियां
- पानी की सप्लाई करने वाली संस्थाएं
- सिटी गैस कंपनियां
- LPG वितरक
- कूरियर सर्विस
- पार्सल डिलीवरी कंपनियां
- लॉजिस्टिक्स और सामान पहुंचाने वाली कंपनियां
शामिल हैं।
सीधे कंपनियों को जारी होंगे नंबर
TRAI के अनुसार, 1601 सीरीज के नंबर किसी मध्यस्थ या एग्रीगेटर को नहीं दिए जाएंगे। पात्र कंपनियों को ये नंबर सीधे उपलब्ध कराए जाएंगे।
नंबर जारी करने से पहले संबंधित टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर कंपनी की पात्रता और अन्य जरूरी जानकारी की जांच करेंगे। TRAI ने पहले चरण में शामिल कंपनियों की ऑनबोर्डिंग और मौजूदा नंबरों से नई व्यवस्था में माइग्रेशन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए 90 दिनों की समय-सीमा तय की है।
प्रमोशनल कॉल के लिए इस्तेमाल नहीं होगा 1601
1601 सीरीज के इस्तेमाल को लेकर कंपनियों के लिए नियम भी तय किए गए हैं। संबंधित संस्थाओं को यह सुनिश्चित करने का अंडरटेकिंग देना होगा कि इन नंबरों का उपयोग केवल सर्विस और ट्रांजैक्शन से संबंधित बातचीत के लिए किया जाएगा।
इन नंबरों से ग्राहकों को प्रचार या मार्केटिंग से जुड़ी वॉयस कॉल करने की अनुमति नहीं होगी। इसका उद्देश्य ग्राहकों के लिए सर्विस कॉल की पहचान को स्पष्ट रखना है।
1600 सीरीज के बाद आया 1601
TRAI ने इससे पहले बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा यानी BFSI सेक्टर तथा सरकारी संस्थाओं की सर्विस और ट्रांजैक्शन संबंधी कॉल के लिए 1600 सीरीज को अपनाने की व्यवस्था की थी।
अब 1601 सीरीज का दायरा अन्य जरूरी सेवाओं और लॉजिस्टिक्स से जुड़े क्षेत्रों तक बढ़ाया गया है। नियामक का उद्देश्य अलग-अलग प्रकार की अधिकृत सर्विस कॉल के लिए एक पहचान योग्य नंबरिंग व्यवस्था तैयार करना है, जिससे ग्राहकों का भरोसा बढ़े और फर्जी कॉल के जरिए होने वाली धोखाधड़ी को कम करने में मदद मिले।
