पलामू: केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि आधी आबादी को उनका अधिकार देकर रहेंगे. नरेंद्र मोदी की सरकार ने हर वादे को पूरा किया है. इस वादे को भी पूरा करेंगे. दरअसल, संजय सेठ मंगलवार को पलामू दौरे पर थे और उन्होंने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की.
डिलिमिटेशन में लगता 2 साल का समय
उन्होंने कहा कि 2023 महिला आरक्षण के दौरान क्लाउज जोड़ा गया था कि पहले जनगणना होगी, उसके बाद डिलिमिटेशन होगा. उसके बाद आरक्षण दिया जाएगा. सबको पता है कि 2026 तक डिलिमिटेशन बैन था. जनगणना डिलिमिटेशन में 2 साल का समय लगेगा. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 2029 में किसी भी कीमत पर बेटियों को उनका अधिकार नहीं दे सकते हैं.
पदयात्रा में बड़ी संख्या में भाग लेंगी महिलाएं
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि 25 अप्रैल को झारखंड में महिलाएं अपनी ताकत दिखाएंगी और रांची में एक जगह जमा होंगी. इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं भाग लेंगी. संसद से अधिनियम पास नहीं होने के विषय पर बोलते हुए केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि इस बिल से वैसे लोगों को डर था जो परिवारवाद की राजनीति करते हैं. बिल गिरने के बाद ऐसे लोगों ने जश्न भी मनाया है.
देश को फायदा देने वाला था बिल
लोकसभा से लेकर हर जगह महिलाओं की भागीदारी बढ़ने वाली थी लेकिन परिवारवाद वालों को डर था कि उनके बच्चों का क्या होगा? उन्हें डर था कि सत्ता उनके परिवार से खिसककर दूसरी महिलाओं के हाथ में चली जाएगी. यही वजह थी कि बहुमत का आंकड़ा पीछे छूट गया. यह कोई भारतीय जनता पार्टी का एजेंडा नहीं था बल्कि देश को फायदा होता. देश की आधी आबादी को फायदा होता.
बिल पेश करने के दौरान विपक्ष के लोगों ने ऑपरेशन सिंदूर से लेकर कई बातों का मजाक उड़ाया है. प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बीजेपी विधायक डॉ. शशिभूषण मेहता, आलोक चौरसिया, मेयर अरुणा शंकर, जिला अध्यक्ष अमित तिवारी समेत कई लोग मौजूद रहे.


