देवघर: जिले के देवीपुर स्थित एम्स अस्पताल द्वारा स्नेक बाइट को लेकर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में एम्स के चिकित्सकों के साथ-साथ आईसीएमआर के पदाधिकारी और रांची से एनएचएम के कर्मचारी भी शामिल हुए. कार्यक्रम को लेकर एम्स के चिकित्सक सुनील कुमार पाणिग्रही ने बताया कि स्नेक बाइट के प्रति लोगों को जागरूक करने का यह कार्यक्रम अगले चार साल तक चलेगा.
सर्पदंश के शिकार लोग कैसे बचाव करें?
देवघर जिले के मोहनपुर प्रखंड और देवघर प्रखंड में लोगों को यह बताया जाएगा कि सर्पदंश के शिकार लोगों का कैसे इलाज संभव है. आज भी देवघर और संथाल क्षेत्र के लोग सर्पदंश के शिकार मरीजों को अस्पताल की जगह ओझा के पास ले जाते हैं, जबकि स्नेक बाइट मरीजों को इमरजेंसी में अस्पताल ले जाने की आवश्यकता है.
जागरूकता के लिए चलाया जाएगा अभियान
इन्हीं कुरीतियों को कम करने और स्नेक बाइट से होने वाली मौत के आंकड़े को घटाने के लिए अगले चार साल तक मोहनपुर और देवघर में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. इस अभियान में वन विभाग की टीम, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग भी अपनी अहम भूमिका निभाएगा.
चार साल के इस कार्यक्रम में संथाल और पूरे राज्य के लोगों को सर्पदंश से बचाया जा सकेगा. ग्रामीण क्षेत्र के लोग खतरनाक सांपों से कैसे बचें, इसकी भी जानकारी ग्रामीणों को दी जाएगी: डॉ. नितिन, निदेशक, देवघर एम्स


