पटना | 23 अक्टूबर 2026 | BHARATSUPERFASTNEWS
Bihar MLC Election: बिहार विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों पर मतदान के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर फर्जी मतदाता जोड़कर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश का आरोप लगाया है। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर भी सवाल उठाए और दावा किया कि कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान प्रक्रिया के दौरान अनियमितताएं हुई हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाए। इन आठ सीटों के लिए मतदान शुक्रवार, 23 अक्टूबर को हो रहा है, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित है।
तेजस्वी यादव ने फर्जी मतदाताओं को लेकर क्या कहा?
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बिहार के चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़कर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की गई है। उन्होंने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाते हुए चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए।
तेजस्वी के मुताबिक, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र 16 जिलों में फैले हैं और इनमें कुल 40,253 मतदाता हैं। उन्होंने दावा किया कि इतने सीमित मतदाताओं वाली सूची में भी कथित तौर पर फर्जी नाम जोड़े गए हैं।
हालांकि, मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों की पुष्टि के लिए आधिकारिक जांच या चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया जरूरी है। उपलब्ध रिपोर्ट में इन आरोपों पर आयोग का विस्तृत पक्ष सामने नहीं आया है।
प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह पर भी साधा निशाना
तेजस्वी यादव ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी निशाने पर लिया। उन्होंने भाजपा पर चुनाव आयोग के जरिए कथित तौर पर वोट चोरी कराने का आरोप लगाया।
ये आरोप राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा हैं। इनके संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित दस्तावेजों, शिकायतों और चुनाव अधिकारियों की प्रतिक्रिया की जांच जरूरी होगी।
RJD कार्यालय पहुंचकर मतदान की जानकारी ली
शुक्रवार दोपहर तेजस्वी यादव पटना स्थित राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने पार्टी नेताओं से मुलाकात की और विभिन्न क्षेत्रों में चल रहे मतदान की जानकारी ली।
मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने पुलिस और प्रशासन पर सत्ता पक्ष के उम्मीदवारों के समर्थन में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वह चुनाव प्रक्रिया पर नजर रख रहे हैं और अलग-अलग क्षेत्रों से उन्हें जानकारी मिल रही है।
तेजस्वी ने कुछ स्थानों पर मतदान धीमा होने और कथित फर्जी वोटिंग की शिकायतें भी उठाईं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उनकी पार्टी के कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। हालांकि, हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या, कारण और संबंधित पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।
सभी आठ सीटों पर जीत का RJD का दावा
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बिहार विधान परिषद की सभी आठ सीटों पर विपक्ष के पक्ष में माहौल है। उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष की ओर से कथित अनियमितताओं के बावजूद विपक्षी उम्मीदवारों को सफलता मिलने की उम्मीद है।
यह तेजस्वी यादव का चुनावी आकलन है। वास्तविक नतीजे 27 अक्टूबर को मतगणना के बाद ही स्पष्ट होंगे।
बिहार की किन आठ सीटों पर हो रहा है मतदान?
बिहार विधान परिषद की आठ सीटों में चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र:
- पटना
- सारण
- तिरहुत
- दरभंगा
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र:
- पटना
- कोसी
- तिरहुत
- दरभंगा
इन निर्वाचन क्षेत्रों में शिक्षक और स्नातक मतदाता अपने-अपने प्रतिनिधियों का चुनाव कर रहे हैं। मतदान के बाद 27 अक्टूबर को मतगणना प्रस्तावित है।
RJD ने सात सीटों पर उतारे उम्मीदवार
रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रीय जनता दल ने आठ में से सात सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी के उम्मीदवारों का मुकाबला कांग्रेस के उम्मीदवारों से भी है, जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और जन सुराज पार्टी भी चुनाव मैदान में हैं।
ऐसे में इन चुनावों के नतीजे विभिन्न राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। मतदान के दौरान तेजस्वी यादव की ओर से लगाए गए आरोपों ने चुनावी माहौल को और चर्चा में ला दिया है।
अब चुनाव आयोग के जवाब और नतीजों पर नजर
बिहार MLC चुनाव के दौरान फर्जी मतदाताओं, कथित वोटिंग अनियमितताओं और प्रशासन की भूमिका को लेकर तेजस्वी यादव ने गंभीर सवाल उठाए हैं। हालांकि, इन दावों की पुष्टि आधिकारिक जांच और संबंधित अधिकारियों के बयान से ही हो सकेगी।
फिलहाल सभी की नजर 27 अक्टूबर को होने वाली मतगणना पर है। नतीजों से यह स्पष्ट होगा कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की आठ सीटों पर मतदाताओं ने किसे अपना प्रतिनिधि चुना है।
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