नई दिल्ली: डायबिटीज केवल ब्लड शुगर को प्रभावित करने वाली बीमारी नहीं है, बल्कि लंबे समय तक शुगर नियंत्रित न रहने पर इसका असर आंखों समेत शरीर के कई हिस्सों पर पड़ सकता है। आंखों से जुड़ी ऐसी ही एक गंभीर समस्या डायबिटिक रेटिनोपैथी है। समय रहते इसकी पहचान और उपचार न होने पर दृष्टि को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है।
खास तौर पर 40 वर्ष से अधिक उम्र की डायबिटीज से पीड़ित महिलाओं के लिए नियमित आंखों की जांच को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हालांकि, यह सावधानी डायबिटीज वाले हर व्यक्ति के लिए जरूरी है।
क्या है डायबिटिक रेटिनोपैथी?
डायबिटिक रेटिनोपैथी में लंबे समय तक बढ़ा हुआ ब्लड शुगर आंख के पीछे मौजूद रेटिना की छोटी रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। इन रक्त वाहिकाओं से तरल पदार्थ या रक्त का रिसाव होने पर धीरे-धीरे नजर प्रभावित हो सकती है।
इस बीमारी की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि शुरुआती चरण में अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देते। व्यक्ति को सामान्य रूप से दिखाई देता रह सकता है, जबकि रेटिना में बदलाव शुरू हो चुके होते हैं।
नियमित जांच क्यों है जरूरी?
डायबिटिक रेटिनोपैथी की शुरुआती पहचान के लिए आंखों की विस्तृत जांच महत्वपूर्ण है। डॉक्टर जरूरत के अनुसार डाइलेटेड रेटिनल एग्जामिनेशन, फंडस फोटोग्राफी या OCT जैसी जांच की सलाह दे सकते हैं।
डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति को आंखों की जांच कितनी बार करानी है, यह उसकी बीमारी, शुगर नियंत्रण और आंखों की स्थिति के आधार पर डॉक्टर तय कर सकते हैं। इसलिए केवल लक्षण दिखाई देने का इंतजार करना उचित नहीं है।
ब्लड शुगर के साथ इन बातों का भी रखें ध्यान
आंखों की जटिलताओं के जोखिम को कम करने के लिए डायबिटीज को अच्छी तरह नियंत्रित रखना महत्वपूर्ण है। इसके लिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं लेना, ब्लड शुगर की नियमित निगरानी करना और पर्याप्त शारीरिक गतिविधि बनाए रखना मददगार हो सकता है।
इसके अलावा ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल जैसे अन्य स्वास्थ्य संकेतकों पर भी ध्यान देना जरूरी है। संतुलित भोजन और नियमित स्वास्थ्य जांच को दिनचर्या का हिस्सा बनाया जा सकता है।
समय पर इलाज से बचाई जा सकती है नजर
अगर जांच के दौरान डायबिटिक रेटिनोपैथी की पहचान होती है, तो स्थिति के अनुसार डॉक्टर उपचार की सलाह देते हैं। कुछ मामलों में नियमित निगरानी पर्याप्त हो सकती है, जबकि गंभीर स्थिति में लेजर उपचार या आंख के भीतर दवा देने जैसी चिकित्सीय प्रक्रियाओं की जरूरत पड़ सकती है।
इसलिए डायबिटीज के साथ नजर में बदलाव, धुंधलापन या अन्य असामान्य लक्षण महसूस होने पर आंखों के विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए। डायबिटीज वाले लोगों के लिए नियमित आंखों की जांच इलाज से पहले बचाव का महत्वपूर्ण कदम है।
