मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र गिरावट रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक स्तर पर बने भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई। इसके चलते कारोबार के अंत में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद हुए।
सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट
बुधवार के कारोबार के बाद BSE सेंसेक्स 187.90 अंक यानी 0.24 प्रतिशत टूटकर 77,966.35 पर बंद हुआ। इसी तरह NSE निफ्टी 50 में 35.75 अंक यानी 0.15 प्रतिशत की गिरावट रही और यह 24,435.95 के स्तर पर पहुंच गया।
कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण बाजार में सतर्कता देखने को मिली। निवेशकों ने जोखिम वाले शेयरों में मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी।
महंगे क्रूड से क्यों बढ़ती है भारत की चिंता?
भारत अपनी घरेलू जरूरतों का बड़ा हिस्सा कच्चे तेल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने पर देश के आयात बिल पर दबाव बढ़ सकता है। इसका असर महंगाई, व्यापार घाटे और कंपनियों की लागत पर पड़ने की आशंका रहती है।
इसी वजह से तेल की कीमतों में अचानक तेजी भारतीय शेयर बाजार के लिए भी नकारात्मक संकेत मानी जाती है।
IT शेयरों पर सबसे ज्यादा दबाव
सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी IT इंडेक्स 1.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ सबसे कमजोर क्षेत्रों में रहा। प्रमुख शेयरों में TCS, Max Healthcare Institute और Apollo Hospitals में कमजोरी ने भी बाजार के प्रदर्शन को प्रभावित किया।
हालांकि बैंकिंग शेयरों ने गिरावट को कुछ हद तक सीमित किया। निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स करीब 2 प्रतिशत चढ़ा, जबकि मिडकैप इंडेक्स 0.28 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ। दूसरी ओर स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.18 प्रतिशत की कमजोरी रही।
24,500 का स्तर अहम
तकनीकी विश्लेषकों के मुताबिक, निफ्टी के लिए 24,500 का स्तर महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस बना हुआ है। यदि सूचकांक आने वाले सत्र में 24,400 के नीचे टिकता है, तो 24,180 के आसपास का स्तर अगला संभावित सपोर्ट बन सकता है।
अब बाजार की नजर अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर भी रहेगी। इन आंकड़ों से अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर फेडरल रिजर्व की आगामी नीति का रुख प्रभावित हो सकता है, जिसका असर वैश्विक बाजारों के साथ भारतीय शेयर बाजार पर भी पड़ सकता है।
नोट: शेयर बाजार में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। यह खबर केवल सूचनात्मक उद्देश्य से है और इसे निवेश सलाह न माना जाए।
