धनबाद: झारखंड में होमगार्ड जवानों की लंबित मांगों को लेकर रविवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने डुमरी विधायक जयराम महतो से मुलाकात की। इस दौरान जवानों ने महंगाई भत्ता (DA), सुप्रीम कोर्ट के पुराने आदेश के अनुरूप सुविधाएं और भविष्य में आठवें वेतन आयोग का लाभ दिए जाने समेत कई मुद्दे विधायक के सामने रखे।
होमगार्ड जवानों के प्रतिनिधियों ने विधायक से आग्रह किया कि उनकी मांगों को राज्य सरकार तक पहुंचाने के साथ विधानसभा में भी इस विषय को प्रमुखता से उठाया जाए।
DA और वेतन आयोग का लाभ देने की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में होमगार्ड जवान लंबे समय से अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें कई ऐसे वित्तीय लाभ नहीं मिल रहे हैं, जिनकी मांग वे लगातार करते रहे हैं।
जवानों ने विशेष रूप से महंगाई भत्ते का लाभ दिए जाने की मांग की। इसके अलावा उन्होंने वर्ष 2015 में सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए आदेश के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराने की बात भी विधायक के सामने रखी।
होमगार्ड जवानों की एक प्रमुख मांग यह भी रही कि भविष्य में लागू होने वाले आठवें वेतन आयोग से संबंधित लाभ उन्हें भी मिलना चाहिए।
2024 के सरकारी संकल्प का भी दिया हवाला
प्रतिनिधिमंडल ने अपनी बात रखते हुए राज्य सरकार के संकल्प संख्या 4596 का उल्लेख किया। यह संकल्प 10 अगस्त 2024 का है। प्रतिनिधियों के अनुसार, इसके बाद होमगार्ड जवानों के दैनिक ड्यूटी भत्ते में संशोधन किया गया था।
हालांकि, उनका कहना है कि दैनिक ड्यूटी भत्ते में बदलाव के बावजूद DA सहित कुछ अन्य मांगों पर अभी अंतिम समाधान नहीं हुआ है।
मुख्यमंत्री के सामने मामला रखने की अपील
होमगार्ड जवानों ने विधायक जयराम महतो से कहा कि वे इस पूरे मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष रखें, ताकि सरकार के स्तर पर उनकी समस्याओं पर विचार हो सके। साथ ही विधानसभा में भी मुद्दा उठाकर सरकार से जवाब और आवश्यक कार्रवाई की मांग करने का आग्रह किया गया।
जयराम महतो ने दिया भरोसा
विधायक जयराम महतो ने होमगार्ड जवानों के प्रतिनिधिमंडल की समस्याएं सुनीं। उन्होंने उनकी मांगों को सरकार के सामने रखने का आश्वासन दिया।
जवानों को उम्मीद है कि विधायक के स्तर से मामला उठाए जाने के बाद सरकार उनकी लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी। फिलहाल DA, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप सुविधाएं और आठवें वेतन आयोग से जुड़े लाभ को लेकर होमगार्ड जवानों की नजर अब सरकार की अगली कार्रवाई पर है।
