Friday, June 12, 2026

 झारखंड राज्य कृषि विपणन परिषद अधिनियम-2022 के तहत नवगठित निदेशक मंडल की पहली स्वागत बैठक शुक्रवार को परिषद सभागार में आयोजित की गई.

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 झारखंड राज्य कृषि विपणन परिषद की पहली बैठक में अध्यक्ष रवीन्द्र सिंह की अगुवाई में बड़ा फैसला लिया गया. डोरंडा और कोडरमा में बहुमंजिला कॉम्प्लेक्स और सभी प्रमंडलों में शिबू सोरेन कृषि प्रशिक्षण केंद्र बनेंगे. पढ़ें, मीटिंग में क्या क्या सहमति बनी.

 झारखंड राज्य कृषि विपणन परिषद अधिनियम-2022 के तहत नवगठित निदेशक मंडल की पहली स्वागत बैठक शुक्रवार को परिषद सभागार में आयोजित की गई. परिषद के अध्यक्ष रवींद्र सिंह की अध्यक्षता में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में राज्य की बाजार समितियों को सशक्त बनाने और किसानों की आय में बढ़ोतरी करने के उद्देश्य से कई दूरगामी और महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए. इस बैठक में कृषि विपणन के ढांचे को पूरी तरह बदलने पर सहमति बनी, जिससे आने वाले दिनों में किसानों और व्यापारियों दोनों को सीधा लाभ मिलेगा.

मॉडल बाजार के रूप में विकसित होंगी बाजार समितियां

बैठक में लिए गए फैसलों के अनुसार, डोरंडा बाजार और कोडरमा बाजार समिति में आधुनिक सुविधाओं से लैस बहुमंजिला कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराया जाएगा. इसके साथ ही राज्य की सभी बाजार समितियों को ‘मॉडल बाजार’ के रूप में विकसित करने का बड़ा फैसला लिया गया है. इस कायाकल्प योजना के तहत जर्जर हो चुकी दुकानों और गोदामों की मरम्मत होगी, जबकि खाली पड़ी जमीनों पर ‘जी 2’ (दो मंजिला) नई दुकानों का निर्माण किया जाएगा. बाजारों को सर्वसुविधाजनक बनाने के लिए सड़कों का सुदृढ़ीकरण, आधुनिक शौचालय, प्रशासनिक भवन और मुख्य प्रवेश द्वारों का निर्माण कराया जाएगा. इन सभी विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने और गति देने के लिए नाबार्ड (NABARD) से ऋण (लोन) लेने पर भी सर्वसम्मति बनी.

पांच प्रमंडलों में स्थापित होंगे आधुनिक कृषि प्रशिक्षण केंद्र

किसानों को आधुनिक खेती की बारीकियों से रूबरू कराने के लिए परिषद ने राज्य के सभी पांच प्रमंडलों में दिवंगत गुरु शिबू सोरेन की स्मृति में ‘आधुनिक कृषि प्रशिक्षण केंद्र’ स्थापित करने का एक बड़ा और ऐतिहासिक निर्णय लिया है. इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को नई तकनीक और उन्नत कृषि पद्धतियों की जानकारी दी जाएगी. इसके साथ ही केंद्र सरकार की ‘ई-नाम’ (e-NAM) योजना के तहत बाजार समितियों को मजबूत करने, अधिक से अधिक किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण कराने और उन्हें डिजिटल कृषि व्यापार से जोड़ने के लिए विशेष प्रशिक्षण देने की रूपरेखा भी तैयार की गई है.

बेहतरीन काम करने वाले किसान होंगे सम्मानित

डिजिटल इंडिया की दिशा में कदम बढ़ाते हुए परिषद और बाजार समितियों की सभी संपत्तियों, दुकानों, गोदामों और सेफ्टी शॉप के पूरे डेटा का डिजिटलीकरण (Digitization) करने का भी फैसला लिया गया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी. इसके अलावा ‘ई-नाम’ पोर्टल के माध्यम से बेहतर व्यापार करने वाले किसान उत्पादक संगठनों (FPO) और प्रगतिशील किसानों को समिति स्तर पर सम्मानित किया जाएगा ताकि दूसरों को भी प्रेरणा मिले. साथ ही, फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के लिए ‘पोस्ट हार्वेस्ट’ योजनाओं का सीधा लाभ आम किसानों और एफपीओ तक पहुंचाने पर विशेष बल दिया गया.

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