16 से 19 सितंबर के बीच कई इलाकों में वज्रपात और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना, 21 सितंबर के आसपास बारिश बढ़ने के संकेत
रांची। झारखंड में अगले कुछ दिनों तक मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 16 से 20 सितंबर के बीच राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रह सकते हैं। इस दौरान कुछ इलाकों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। मौसम केंद्र ने 16 से 19 सितंबर तक राज्य में आंधी-तूफान और बिजली चमकने को लेकर चेतावनी जारी की है।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस अवधि में अधिकतम तापमान में बहुत बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। हालांकि, कुछ स्थानों पर तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। वहीं, 21 सितंबर के आसपास बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना जताई जा रही है। इसके प्रभाव से झारखंड में एक बार फिर बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
16 सितंबर को इन क्षेत्रों में वज्रपात का खतरा
बुधवार को राज्य के उत्तर, दक्षिण और मध्य हिस्सों में कहीं-कहीं मेघ गर्जन और बिजली चमकने के साथ तेज हवा चल सकती है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।
इन जिलों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है:
- रांची
- बोकारो
- गुमला
- हजारीबाग
- खूंटी
- रामगढ़
- लोहरदगा
- कोडरमा
- धनबाद
- पूर्वी सिंहभूम
- पश्चिमी सिंहभूम
- सिमडेगा
- सरायकेला-खरसावां
मौसम विभाग ने इन इलाकों में रहने वाले लोगों को गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है।
17 सितंबर को कई जिलों में तेज हवा और बिजली की चेतावनी
17 सितंबर को दक्षिणी, मध्य और उत्तर-पश्चिमी झारखंड के कई हिस्सों में मौसम खराब रह सकता है। इस दिन रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा और धनबाद के अलावा पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार में भी गरज-चमक और तेज हवा की संभावना है।
दक्षिणी झारखंड के पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा तथा सरायकेला-खरसावां में भी वज्रपात के साथ हवा चल सकती है। उत्तर-पूर्वी हिस्से में देवघर, दुमका, गिरिडीह, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज के लिए भी सतर्क रहने की जरूरत है।
18 से 20 सितंबर तक भी बना रहेगा मौसम का असर
मौसम विभाग के अनुसार, 18 और 19 सितंबर को राज्य के कुछ हिस्सों में मेघ गर्जन, बिजली चमकने और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। इस दौरान हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है।
20 सितंबर को गरज-चमक की गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन राज्य में पूरी तरह साफ मौसम रहने की संभावना नहीं है। कई इलाकों में बादल छाए रहने और हल्की बारिश या गरज के साथ छींटे पड़ने का अनुमान है।
21 सितंबर के बाद बढ़ सकती है बारिश
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में 21 सितंबर के आसपास निम्न दबाव का क्षेत्र विकसित होने की संभावना है। यदि यह सिस्टम मजबूत होता है, तो झारखंड में बारिश का दौर फिर तेज हो सकता है।
फिलहाल राज्य में हल्की से मध्यम बारिश, बादल और स्थानीय स्तर पर गरज-चमक वाली गतिविधियां जारी रहने के आसार हैं। मौसम विभाग ने लोगों से ताजा चेतावनी पर नजर रखने और वज्रपात के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है।
