रांची, 22 अक्टूबर 2026। झारखंड में पुलिसकर्मियों और चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए पुलिस कल्याण कोष से आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था में संशोधन किया गया है। संशोधित सूची में किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट से लेकर कैंसर, हृदय रोग, ब्रेन सर्जरी और अन्य गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए सहायता राशि निर्धारित की गई है। अलग-अलग चिकित्सा प्रक्रियाओं के लिए न्यूनतम और अधिकतम सहायता की सीमा तय की गई है।
समीक्षा के बाद संशोधित हुई सहायता सूची
पुलिस कल्याण समिति ने सितंबर में पुलिस सहायता एवं कल्याण कोष और चतुर्थवर्गीय कर्मचारी कल्याण कोष से दी जाने वाली आर्थिक सहायता की समीक्षा की थी। इसके बाद 14 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में पत्र जारी किया गया।
नई सूची के तहत पात्र कर्मचारियों को बीमारी और उपचार की प्रकृति के अनुसार आर्थिक सहयोग दिया जाएगा। हालांकि, प्रत्येक मामले में वास्तविक सहायता राशि निर्धारित सीमा और संबंधित नियमों के आधार पर तय होगी।
किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट के लिए 7 लाख रुपये तक
संशोधित सूची में किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट के लिए 1 लाख से 7 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है। इसके अलावा किडनी से संबंधित उपचार के लिए भी अलग-अलग राशि निर्धारित की गई है।
- किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट: 1 लाख से 7 लाख रुपये
- किडनी फेल होने पर डायलिसिस: 50 हजार से 2 लाख रुपये
- किडनी की पथरी की सर्जरी: 20 हजार से 50 हजार रुपये
- पित्त की थैली और अग्न्याशय की सर्जरी: 20 हजार से 50 हजार रुपये
कैंसर और हृदय रोग के इलाज के लिए सहायता
कैंसर के इलाज में कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी के लिए 2 लाख से 5 लाख रुपये तक की सहायता निर्धारित की गई है। जरूरी अंगों की सर्जरी के लिए 2 लाख से 4 लाख रुपये और सामान्य अंगों की सर्जरी के लिए 50 हजार से 1 लाख रुपये तक की मदद का प्रावधान है।
हृदय रोग से जुड़े उपचार के लिए भी अलग-अलग सहायता राशि तय की गई है।
- हार्ट या वाल्व सर्जरी और एंजियोप्लास्टी: 2 लाख से 3 लाख रुपये
- पेसमेकर लगाने के लिए: 60 हजार से 1.5 लाख रुपये
- हार्ट अटैक के इलाज के लिए: 50 हजार से 1.5 लाख रुपये
ब्रेन सर्जरी, लकवा और आंखों के उपचार में भी मदद
मस्तिष्क में ट्यूमर या गांठ की सर्जरी के लिए 50 हजार से 1 लाख रुपये तक की सहायता निर्धारित की गई है। दुर्घटना के कारण ब्रेन सर्जरी कराने पर 20 हजार से 2 लाख रुपये तक और लकवा या मस्तिष्क की नसों से जुड़ी गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए 50 हजार से 2 लाख रुपये तक की मदद का प्रावधान है।
आंखों के इलाज में रेटिना की सर्जरी, कॉर्निया प्रत्यारोपण और ग्लूकोमा के उपचार के लिए 40 हजार से 1 लाख रुपये तक की सहायता तय की गई है। सामान्य मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए 35 हजार से 50 हजार रुपये और जटिल मोतियाबिंद के उपचार के लिए 50 हजार से 1 लाख रुपये तक की राशि निर्धारित है।
फ्रैक्चर और गंभीर दुर्घटनाओं में भी आर्थिक सहयोग
हड्डी टूटने पर इलाज के लिए 10 हजार से 40 हजार रुपये तक की सहायता दी जा सकती है। गंभीर फ्रैक्चर में सर्जरी के लिए 10 हजार से 50 हजार रुपये तक का प्रावधान है।
हड्डी में रॉड या प्लेट लगाने की स्थिति में एक अंग के लिए 30 हजार से 50 हजार रुपये और एक से अधिक अंगों के लिए 60 हजार से 1 लाख रुपये तक की सहायता निर्धारित की गई है।
इसके अलावा मस्तिष्क मलेरिया, हेपेटाइटिस-बी और सी, पोलियो तथा मेनिनजाइटिस जैसी गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए 20 हजार से 1 लाख रुपये तक की मदद का प्रावधान है। शरीर का 50 प्रतिशत से अधिक हिस्सा जलने पर 50 हजार से 1 लाख रुपये तक की सहायता दी जा सकती है।
गंभीर बीमारी या दुर्घटना के कारण लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने और अधिक इलाज खर्च होने की स्थिति में 1 लाख से 3 लाख रुपये तक की सहायता निर्धारित की गई है। एड्स के उपचार के लिए 30 हजार से 50 हजार रुपये तक की राशि तय की गई है।
महिलाओं की बीमारियों और प्रसव के लिए भी प्रावधान
संशोधित सूची में महिलाओं से संबंधित कुछ बीमारियों और उपचार प्रक्रियाओं को भी शामिल किया गया है।
- गर्भाशय निकालने की सर्जरी और स्तन संबंधी कुछ बीमारियों का इलाज: 20 हजार से 50 हजार रुपये
- जटिल स्थिति में सिजेरियन प्रसव: 30 हजार से 75 हजार रुपये
- बांझपन के इलाज में आईवीएफ प्रक्रिया: 2 लाख से 3 लाख रुपये
- गले और कान की सर्जरी: 50 हजार से 1 लाख रुपये
दांतों के उपचार के लिए भी सहायता निर्धारित है। दांतों की सफाई और फिलिंग के लिए 5 हजार से 10 हजार रुपये, रूट कैनाल के लिए 10 हजार से 15 हजार रुपये और दांतों से जुड़ी अन्य बीमारियों के इलाज के लिए 10 हजार से 15 हजार रुपये तक की राशि का प्रावधान है।
पात्रता और सहायता राशि के नियम महत्वपूर्ण
झारखंड पुलिस की संशोधित सूची में कई गंभीर बीमारियों और चिकित्सा प्रक्रियाओं को शामिल किया गया है। सहायता की राशि बीमारी, उपचार की प्रकृति और निर्धारित न्यूनतम-अधिकतम सीमा के अनुसार तय होगी। इच्छुक पुलिसकर्मियों और चतुर्थवर्गीय कर्मचारियों को आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में संबंधित विभाग के आधिकारिक निर्देशों की पुष्टि करनी चाहिए।
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