Thursday, October 22, 2026

भारत में स्मार्टफोन बाजार को बड़ा झटका! बिक्री में 26% की गिरावट, सैमसंग बना नंबर-1.

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नई दिल्ली, 22 अक्टूबर 2026। भारत के स्मार्टफोन बाजार में 2026 की तीसरी तिमाही के दौरान बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। मार्केट रिसर्च फर्म ओम्डिया की रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई से सितंबर 2026 के बीच देश में स्मार्टफोन शिपमेंट सालाना आधार पर 26 प्रतिशत घटकर 3.58 करोड़ यूनिट रह गया। रिपोर्ट में इसे 2016 के बाद का सबसे निचला तिमाही स्तर बताया गया है।

बाजार में इस गिरावट के पीछे स्मार्टफोन के बढ़ते दाम, मेमोरी चिप और अन्य कंपोनेंट्स की लागत में इजाफा, ग्राहकों का पुराने फोन लंबे समय तक इस्तेमाल करना और खरीदारी में देरी जैसे कारण बताए गए हैं। वहीं, बजट सेगमेंट में कुछ ग्राहक महंगे 5G फोन के बजाय 4G स्मार्टफोन को प्राथमिकता दे रहे हैं।

गिरते बाजार में भी सैमसंग सबसे आगे

ओम्डिया की रिपोर्ट के मुताबिक, बिक्री में गिरावट के बावजूद सैमसंग ने भारतीय स्मार्टफोन बाजार में पहला स्थान हासिल किया। कंपनी ने तीसरी तिमाही में लगभग 67 लाख स्मार्टफोन शिप किए और करीब 19 प्रतिशत बाजार हिस्सेदारी दर्ज की।

रिपोर्ट में प्रमुख कंपनियों की स्थिति इस प्रकार बताई गई है:

  • सैमसंग: लगभग 67 लाख यूनिट
  • वीवो: लगभग 64 लाख यूनिट
  • एप्पल: लगभग 39 लाख यूनिट

सैमसंग की स्थिति मजबूत रहने के पीछे उसके प्रीमियम गैलेक्सी स्मार्टफोन, बैंक कैशबैक, एक्सचेंज बोनस और नो-कॉस्ट ईएमआई जैसे ऑफर्स को अहम माना गया है।

दूसरी ओर, एप्पल को भी आईफोन की मांग और प्रीमियम स्मार्टफोन सेगमेंट में अपनी मौजूदगी से फायदा मिलने की बात रिपोर्ट में कही गई है।

चीनी स्मार्टफोन ब्रांड्स की बाजार हिस्सेदारी घटी

भारतीय बाजार में चीनी स्मार्टफोन कंपनियों की संयुक्त हिस्सेदारी में भी गिरावट दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार, इन कंपनियों की बाजार हिस्सेदारी 2025 की तीसरी तिमाही के लगभग 75 प्रतिशत से घटकर 2026 की समान तिमाही में 68 प्रतिशत रह गई।

इस गिरावट के पीछे कई कारण बताए गए हैं:

  • ऑनलाइन बिक्री चैनलों की कमजोर मांग
  • स्मार्टफोन के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कंपोनेंट्स की बढ़ती कीमत
  • मेमोरी चिप की उपलब्धता और लागत से जुड़ी चुनौतियां
  • प्रीमियम सेगमेंट में गैर-चीनी कंपनियों की मजबूत स्थिति

Xiaomi, Realme और Poco जैसे ब्रांड ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए बिक्री के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में ऑनलाइन बिक्री में कमजोरी और कम कीमत वाले स्मार्टफोन तैयार करने की बढ़ती लागत का असर इन कंपनियों पर पड़ सकता है।

वीवो की शिपमेंट में 34% गिरावट का दावा

रिपोर्ट में वीवो की स्मार्टफोन शिपमेंट में सालाना आधार पर 34 प्रतिशत गिरावट का उल्लेख किया गया है। इसके पीछे बढ़ती कीमतों और एंट्री-लेवल सेगमेंट में सीमित विकल्पों को संभावित कारण बताया गया है।

इसके अलावा, मेमोरी चिप और स्टोरेज कंपोनेंट्स की बढ़ती लागत ने भी स्मार्टफोन कंपनियों के लिए बजट फोन तैयार करना चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

रिपोर्ट में ओप्पो की शिपमेंट में भी गिरावट का उल्लेख है। कीमतों में बढ़ोतरी और खुदरा विक्रेताओं की ओर से सीमित स्टॉक रखने को इसके संभावित कारणों में गिना गया है।

हालांकि, अलग-अलग कंपनियों की वास्तविक बिक्री और शिपमेंट के आंकड़ों की तुलना करते समय संबंधित रिपोर्ट के आधिकारिक डेटा को देखना जरूरी है।

स्मार्टफोन महंगे होने से ग्राहक टाल रहे खरीदारी

स्मार्टफोन बाजार में गिरावट की एक प्रमुख वजह बढ़ती कीमतों को माना जा रहा है। फोन में इस्तेमाल होने वाली DRAM और NAND जैसी मेमोरी चिप्स की लागत बढ़ने से कंपनियों के उत्पादन खर्च पर असर पड़ सकता है।

जब निर्माण लागत बढ़ती है, तो इसका प्रभाव फोन की खुदरा कीमत पर भी पड़ सकता है। इससे बजट में नया स्मार्टफोन खरीदने वाले ग्राहकों के सामने विकल्प सीमित हो जाते हैं।

इसके साथ ही, कुछ ग्राहक अपने पुराने स्मार्टफोन को पहले से अधिक समय तक इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में हर दो या तीन साल में नया फोन खरीदने के बजाय वे अपग्रेड को टाल रहे हैं।

त्योहारी सीजन में खरीदारी का समय और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर मिलने वाली छूट भी बिक्री को प्रभावित कर सकती है।

क्या 5G छोड़कर 4G फोन खरीद रहे हैं लोग?

रिपोर्ट में ₹10,000 से ₹15,000 के बजट वाले स्मार्टफोन सेगमेंट में 4G फोन की मांग बढ़ने का उल्लेख किया गया है। इसकी एक वजह कम कीमत में बेहतर फीचर्स पाने की कोशिश बताई गई है।

कुछ ग्राहकों को सीमित बजट में 5G फोन खरीदते समय कैमरा, डिस्प्ले या स्टोरेज जैसी सुविधाओं पर समझौता करना पड़ सकता है। वहीं, उसी कीमत में कुछ 4G मॉडल अधिक RAM, बेहतर डिस्प्ले या अन्य सुविधाएं दे सकते हैं।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सभी भारतीय ग्राहक 5G से 4G की ओर लौट रहे हैं। यह रुझान मुख्य रूप से कुछ बजट श्रेणियों से जुड़ा बताया गया है। अलग-अलग कीमतों और जरूरतों वाले ग्राहकों की पसंद में अंतर हो सकता है।

क्या महंगे 5G रिचार्ज भी हैं वजह?

5G स्मार्टफोन खरीदने के फैसले पर फोन की कीमत के साथ-साथ नेटवर्क और डेटा प्लान की लागत भी असर डाल सकती है। जो ग्राहक मुख्य रूप से कॉलिंग, मैसेजिंग, व्हाट्सऐप और वीडियो देखने के लिए फोन इस्तेमाल करते हैं, वे अपनी जरूरत के हिसाब से 4G या 5G विकल्प चुन सकते हैं।

हालांकि, 5G डेटा प्लान की कीमतों को बाजार में गिरावट का प्रमुख कारण मानने के लिए अलग से ठोस आंकड़ों की जरूरत होगी। फोन की कीमत, नेटवर्क कवरेज, डेटा की जरूरत और उपलब्ध ऑफर्स—ये सभी खरीदारी के फैसले को प्रभावित कर सकते हैं।

आगे कैसा रह सकता है स्मार्टफोन बाजार?

भारत में स्मार्टफोन की मांग पर आने वाले समय में कंपोनेंट्स की कीमत, कंपनियों के नए मॉडल, त्योहारी ऑफर्स और ग्राहकों की खर्च करने की क्षमता का असर पड़ सकता है।

कंपनियों के सामने चुनौती यह होगी कि वे बढ़ती लागत के बीच किफायती कीमतों पर बेहतर फीचर्स वाले फोन उपलब्ध कराएं। वहीं, ग्राहकों के लिए स्मार्टफोन खरीदते समय केवल 4G या 5G नेटवर्क ही नहीं, बल्कि फोन की कुल कीमत, बैटरी, कैमरा, सॉफ्टवेयर अपडेट और अपनी वास्तविक जरूरतों पर ध्यान देना उपयोगी रहेगा।

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