Thursday, October 22, 2026

E20 पेट्रोल के डर से महंगा ईंधन खरीद रहे लोग, लेकिन क्या इससे सच में बढ़ता है माइलेज?

Share

नई दिल्ली, 22 अक्टूबर 2026। देश में E20 पेट्रोल को लेकर वाहन चालकों के बीच माइलेज और इंजन की सेहत से जुड़ी चिंताएं चर्चा में हैं। E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाया जाता है। कुछ वाहन चालक इसके संभावित प्रभाव से बचने के लिए प्रीमियम और हाई-ऑक्टेन पेट्रोल खरीद रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार, महंगा या हाई-ऑक्टेन पेट्रोल खरीदने से हर वाहन में बेहतर माइलेज मिलने की गारंटी नहीं है।

उद्योग जगत के कुछ जानकारों के मुताबिक, चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर प्रीमियम पेट्रोल की बिक्री में बढ़ोतरी हुई है। वहीं, तेल कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि यह बदलाव सभी क्षेत्रों में एक जैसा नहीं है और कुल बिक्री पर इसका असर सीमित हो सकता है।

प्रीमियम पेट्रोल की बिक्री में बढ़ोतरी का दावा

ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय बंसल के अनुसार, कुछ पेट्रोल पंपों पर प्रीमियम पेट्रोल की बिक्री में चार से पांच गुना तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि कुछ आउटलेट्स पर प्रीमियम पेट्रोल की हिस्सेदारी मार्च में लगभग 4 प्रतिशत से बढ़कर 12 से 15 प्रतिशत तक पहुंच गई। चुनिंदा पंपों पर यह आंकड़ा 20 प्रतिशत तक होने का दावा भी किया गया है।

हालांकि, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के अधिकारियों के मुताबिक, प्रीमियम ईंधन की बिक्री में बढ़ोतरी सीमित है और यह रुझान हर जगह समान नहीं है।

सामान्य और प्रीमियम पेट्रोल की कीमत में कितना अंतर?

रिपोर्ट के अनुसार, सामान्य पेट्रोल की कीमत करीब ₹102 प्रति लीटर बताई गई है, जबकि प्रीमियम पेट्रोल के कुछ ब्रांड ₹109 से ₹115 प्रति लीटर के बीच बिक रहे हैं।

प्रमुख प्रीमियम ईंधनों में शामिल हैं:

  • XP95: इंडियन ऑयल
  • SPEED: भारत पेट्रोलियम
  • poWer95: हिंदुस्तान पेट्रोलियम

कीमतों में अंतर के बावजूद कुछ वाहन चालक प्रीमियम पेट्रोल इस उम्मीद में खरीद रहे हैं कि इससे इंजन की कार्यक्षमता बेहतर होगी और माइलेज पर इथेनॉल के संभावित प्रभाव की भरपाई हो सकेगी।

लेकिन किसी ईंधन से वास्तविक लाभ कितना मिलेगा, यह वाहन के इंजन, निर्माता की सिफारिश और इस्तेमाल की परिस्थितियों पर निर्भर करता है।

क्या प्रीमियम पेट्रोल में भी 20% इथेनॉल होता है?

यह इस विषय का अहम पहलू है। हाई-ऑक्टेन पेट्रोल का मतलब यह नहीं है कि उसमें इथेनॉल की मात्रा कम होगी या वह इथेनॉल-मुक्त होगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, सामान्य रूप से उपलब्ध कुछ 95-ऑक्टेन और 97-ऑक्टेन प्रीमियम पेट्रोल में भी E20 मिश्रण हो सकता है। इसलिए केवल प्रीमियम पेट्रोल चुनने से इथेनॉल से बचाव सुनिश्चित नहीं होता। किसी खास ईंधन में इथेनॉल की मात्रा जानने के लिए संबंधित तेल कंपनी की जानकारी और पंप पर उपलब्ध विवरण देखना चाहिए।

ऑक्टेन रेटिंग बताती है कि ईंधन इंजन में असामान्य दहन या नॉकिंग का कितना प्रतिरोध कर सकता है। हाई-ऑक्टेन ईंधन का फायदा खास तौर पर उन इंजनों में मिल सकता है, जिन्हें इस तरह के ईंधन के अनुरूप डिजाइन किया गया है।

इसका मतलब यह नहीं है कि हर सामान्य कार या बाइक में हाई-ऑक्टेन पेट्रोल डालने से माइलेज या पावर में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।

क्या E20 पेट्रोल से माइलेज कम हो सकता है?

इथेनॉल में प्रति लीटर ऊर्जा की मात्रा पेट्रोल की तुलना में कम होती है। इस कारण समान परिस्थितियों में अधिक इथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन से कुछ वाहनों में ईंधन दक्षता थोड़ी कम हो सकती है। हालांकि, वास्तविक अंतर वाहन के इंजन और उसकी तकनीक पर निर्भर करता है।

इसलिए यह मान लेना सही नहीं होगा कि E20 इस्तेमाल करने से हर वाहन का माइलेज एक निश्चित मात्रा में घटेगा। वाहन निर्माता के निर्देशों के अनुसार ईंधन का चुनाव करना अधिक उपयोगी है।

इथेनॉल-मुक्त पेट्रोल कितना महंगा है?

परिवहन विशेषज्ञ अनिल छिकारा के अनुसार, इथेनॉल-मुक्त पेट्रोल कुछ चुनिंदा आउटलेट्स पर उपलब्ध है और इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से कुछ विशेष, पुरानी या महंगी गाड़ियों में किया जाता है।

रिपोर्ट में XP100, SPEED100 और poWer100 जैसे 100-ऑक्टेन ईंधनों का उल्लेख किया गया है। इनकी कीमत सामान्य पेट्रोल से काफी अधिक हो सकती है। हालांकि, 100-ऑक्टेन ईंधन और इथेनॉल-मुक्त ईंधन एक ही बात नहीं हैं—सिर्फ ऑक्टेन रेटिंग के आधार पर इथेनॉल की मौजूदगी का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

इथेनॉल-मुक्त ईंधन चुनने से पहले उसकी वास्तविक संरचना, कीमत और वाहन के लिए उपयुक्तता की पुष्टि करना जरूरी है।

वाहन चालकों को क्या करना चाहिए?

E20 और प्रीमियम पेट्रोल के बीच चुनाव करते समय इन बातों पर ध्यान दें:

  1. वाहन निर्माता की सलाह पढ़ें: मालिक की पुस्तिका में दिए गए ईंधन संबंधी निर्देशों का पालन करें।
  2. सिर्फ माइलेज के लिए हाई-ऑक्टेन पेट्रोल न चुनें: यदि इंजन को इसकी जरूरत नहीं है, तो अतिरिक्त खर्च से अपेक्षित फायदा मिलना जरूरी नहीं।
  3. ईंधन की संरचना जांचें: प्रीमियम नाम या अधिक ऑक्टेन रेटिंग से यह साबित नहीं होता कि ईंधन इथेनॉल-मुक्त है।
  4. वास्तविक माइलेज पर नजर रखें: एक जैसी ड्राइविंग परिस्थितियों में ईंधन खपत की तुलना करें।
  5. इंजन संबंधी समस्या पर विशेषज्ञ की सलाह लें: वाहन में असामान्य आवाज या प्रदर्शन से जुड़ी समस्या हो तो अधिक महंगा ईंधन डालने के बजाय अधिकृत सर्विस सेंटर से जांच कराएं।

इथेनॉल मिश्रण से देश को क्या फायदा?

इथेनॉल पेट्रोल में मिलाया जाने वाला जैव-आधारित ईंधन है। इसके इस्तेमाल का एक प्रमुख उद्देश्य पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करना और घरेलू स्तर पर उत्पादित ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देना है।

हालांकि, किसी वाहन के लिए E20 उपयुक्त है या नहीं, यह उसकी तकनीकी बनावट और निर्माता के निर्देशों से तय होना चाहिए। ईंधन चुनते समय कीमत, वाहन की जरूरत और वास्तविक प्रदर्शन—तीनों को ध्यान में रखना जरूरी है।

निष्कर्ष: E20 पेट्रोल को लेकर माइलेज की चिंताओं के बीच प्रीमियम ईंधन की ओर रुझान बढ़ने की खबरें हैं। लेकिन हाई-ऑक्टेन पेट्रोल हर वाहन में अधिक माइलेज नहीं देता और जरूरी नहीं कि वह इथेनॉल-मुक्त भी हो। वाहन चालकों को अफवाहों के बजाय वाहन निर्माता के निर्देशों और ईंधन की प्रमाणित जानकारी के आधार पर फैसला लेना चाहिए।

BHARATSUPERFASTNEWS

Read more

Local News