Tuesday, November 3, 2026

झारखंड के अनाज गोदामों पर बढ़ेगी निगरानी, हर तीन महीने में होगा निरीक्षण; ऑनलाइन दर्ज होगा स्टॉक

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Ranchi News | 3 नवंबर 2026: झारखंड में सरकारी खाद्यान्न गोदामों में रखे अनाज की उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था पर अब विभाग की पैनी नजर रहेगी। खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने राज्य के सभी संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक तीन महीने में गोदामों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। निरीक्षण की पूरी रिपोर्ट ऑनलाइन मॉड्यूल में दर्ज करनी होगी, ताकि स्टॉक की वास्तविक स्थिति का रिकॉर्ड उपलब्ध रहे और लापरवाही की स्थिति में जिम्मेदारी तय की जा सके।

हर तीन महीने में गोदामों की जांच अनिवार्य

विभाग की समीक्षा बैठक में यह बात सामने आयी कि राज्य के कई गोदामों का नियमित निरीक्षण नहीं हो रहा है। इसके कारण वहां रखे खाद्यान्न की वास्तविक उपलब्धता और गोदामों के संचालन की स्थिति की सही जानकारी विभाग तक नहीं पहुंच पा रही थी।

इस समस्या को देखते हुए विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारियों और जिला आपूर्ति पदाधिकारियों को प्रत्येक गोदाम का हर तीन महीने में निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा गया है। जांच के दौरान मिलने वाली जानकारी ऑनलाइन दर्ज करना भी जरूरी होगा।

NFSA और राज्य खाद्य सुरक्षा योजना का अनाज अलग-अलग रखना होगा

विभाग ने गोदामों में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के तहत उपलब्ध खाद्यान्न का अलग-अलग भंडारण करने का निर्देश दिया है।

इस व्यवस्था से दोनों योजनाओं के अनाज का हिसाब स्पष्ट रहेगा। साथ ही स्टॉक की जांच और निगरानी में भी आसानी होगी। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि दोनों योजनाओं के तहत उपलब्ध खाद्यान्न का रिकॉर्ड अलग-अलग और व्यवस्थित तरीके से रखा जाए।

अनाज की कमी या बैकलॉग मिलने पर तय होगी जवाबदेही

निरीक्षण के दौरान यदि किसी गोदाम में खाद्यान्न की कमी या बैकलॉग पाया जाता है, तो इसके कारणों की जांच की जाएगी। इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। की गयी कार्रवाई की जानकारी विभाग को भी भेजनी होगी।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी गोदाम में खाद्यान्न की कमी सामने आने पर संबंधित जिला प्रबंधक और जिला आपूर्ति पदाधिकारी को जवाबदेह माना जाएगा।

ऑनलाइन रिकॉर्ड से व्यवस्था में आएगी पारदर्शिता

हर तीन महीने में निरीक्षण और ऑनलाइन रिपोर्टिंग की व्यवस्था लागू होने से गोदामों में उपलब्ध अनाज का नियमित ब्योरा विभाग के पास रहेगा। इससे स्टॉक में गड़बड़ी, खाद्यान्न की कमी और रखरखाव से जुड़ी समस्याओं की पहचान करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

Bharat Superfast News | Ranchi Desk

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